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Kanpur: ड्रग विभाग ने अवैध रूप से भंडारित की गईं 1.81 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं सीज की
Sat, 28 Jun 2025 11:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 28 Jun 2025 11:37 PM IST
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ड्रग विभाग टीम ने दवाएं सीज की
- फोटो : अमर उजाला
ड्रग विभाग की ओर से सेन पश्चिम पारा में अवैध रूप से भंडारित 1.81 करोड़ रुपये की दवाएं ड्रग विभाग की ओर से सीज की गईं। भंडारित करने वाले व्यक्ति मुलायम सिंह के पास कोई लाइसेंस नहीं मिला। उसने बताया कि उसका मेडिकल स्टोर रमईपुर में माया फार्मा नाम से है, जिसके वो दस्तावेज नहीं दिखा पाए। टीम दवाएं सीज कर और सैंपल लेकर चली गई। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि सोमवार को कोर्ट में मुलायम की कस्टडी के लिए आवेदन करेंगे।
वहीं दूसरी टीम ने बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स के यहां छापेमारी की, जहां से मुलायम ने दवाएं खरीदी थीं। हालांकि उनके पास लाइसेंस था। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि मुलायम के सिर्फ पांच हजार रुपये की दवाओं में आयरन के सिरप थे, बाकी सभी दवाईयां नशीलीं पाई गईं। सभी दवाओं को सीज कर लिया गया है। क्लोनाजेपाम टेबलेट से पैनिक डिस्ऑर्डर के लिए इलाज किया जा सकता है। ये दवा तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करने का काम करती है। इस दवा को लोग नशा के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं। ट्रामाडॉल टेबलेट भी काफी मात्रा में थी, जिसका प्रयोग गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। जब कई दर्द निवारक दवाएं काम नहीं करती हैं, तो इस दवा को देते हैं। ये मस्तिष्क में दर्द संकेतों को अवरुद्ध करके काम करता है। इतनी बड़ी मात्रा में भंडारित दवाओं का वो क्या करने वाला था, इस पर पूछताछ जरूरी है। इसके लिए सोमवार को कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और मामले में आरोपी की कस्टडी लेने की मांग करेंगे ताकि पूछताछ की जा सके। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। टीम में इटावा के ड्रग इंस्पेक्ट नीलेश शर्मा और कानपुर देहात के ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी व अन्य शामिल रहे।
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वहीं दूसरी टीम ने बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स के यहां छापेमारी की, जहां से मुलायम ने दवाएं खरीदी थीं। हालांकि उनके पास लाइसेंस था। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि मुलायम के सिर्फ पांच हजार रुपये की दवाओं में आयरन के सिरप थे, बाकी सभी दवाईयां नशीलीं पाई गईं। सभी दवाओं को सीज कर लिया गया है। क्लोनाजेपाम टेबलेट से पैनिक डिस्ऑर्डर के लिए इलाज किया जा सकता है। ये दवा तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करने का काम करती है। इस दवा को लोग नशा के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं। ट्रामाडॉल टेबलेट भी काफी मात्रा में थी, जिसका प्रयोग गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। जब कई दर्द निवारक दवाएं काम नहीं करती हैं, तो इस दवा को देते हैं। ये मस्तिष्क में दर्द संकेतों को अवरुद्ध करके काम करता है। इतनी बड़ी मात्रा में भंडारित दवाओं का वो क्या करने वाला था, इस पर पूछताछ जरूरी है। इसके लिए सोमवार को कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और मामले में आरोपी की कस्टडी लेने की मांग करेंगे ताकि पूछताछ की जा सके। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। टीम में इटावा के ड्रग इंस्पेक्ट नीलेश शर्मा और कानपुर देहात के ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी व अन्य शामिल रहे।
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