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UP: डॉ. शाहीन के भाई परवेज की जाजमऊ में ससुराल, जलसों में हुआ था शामिल, चमनगंज-बेकनगंज में साले कर रहे कारोबार

Sat, 15 Nov 2025 02:13 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 15 Nov 2025 02:13 PM IST
सार

Kanpur News: पुलिस के अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज की पकड़े जाने के बाद डॉ. आरिफ भी निकलने की तैयारी में था। खुफिया एजेंसी ने डॉ. आरिफ के मोबाइल से कुछ डिटेल हासिल की है, जिसमें शाहीन और उसके बीच घटना से पूर्व बातचीत होने के कुछ प्रमाण मिले हैं।

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Kanpur Dr Shaheens brother Parvezs in laws live in Jajmau  brother in law is doing business in Chamanganj
डॉ. शाहीन और डॉ. आरिफ - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के जाजमऊ में डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज की ससुराल का पता चला है। यहां वह धार्मिक आयोजन और जलसों में शामिल हुआ था। डॉ. शाहीन भी कई बार आई थी। चमनगंज और बेकनगंज में रिश्तेदारों के कारोबार करने की भी जानकारी मिली है। ऐसे में साले और अन्य ससुरालीजनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. परवेज के दो साले चमनगंज, बेकनगंज और आसपास के क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं।  उनकी क्षेत्र में ठीक ठाक पकड़ है। पूर्व में कई धार्मिक आयोजन करा चुके हैं।

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यहां परवेज आया करता था। धार्मिक आयोजन और जलसों में कई बाहर के लोग भी शामिल होते रहे हैं। खुफिया एजेंसी अब इस नेटवर्क को खंगालने के लिए कड़ियों को जोड़कर देख रही है। जाजमऊ निवासी ससुरालीजनों और उनके रिश्तेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। एसटीएफ की टीम अपने तरीके से यहां की डिटेल हासिल कर ही है। सुरक्षा एजेंसियों को शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में स्लीपिंग मॉड्यूल के होने के इनपुट मिले हैं, जिसपर एटीएस, एनआईए, आईबी के बाद अब एसटीएफ को भी लगा दिया गया है।

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डॉ. आरिफ मीर को एसटीएफ ने पकड़ा था
एटीएस और एनआईए के इनपुट पर एसटीएफ ने डॉ. आरिफ को पकड़ा था। उसके कमरे में बैग व अन्य सामान पैक मिले थे जिससे उसके कहीं बाहर जाने की प्लानिंग करने की आशंका है। पुलिस के अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज की पकड़े जाने के बाद डॉ. आरिफ भी निकलने की तैयारी में था। खुफिया एजेंसी ने डॉ. आरिफ के मोबाइल से कुछ डिटेल हासिल की है] जिसमें शाहीन और उसके बीच घटना से पूर्व बातचीत होने के कुछ प्रमाण मिले हैं।

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सवा महीने पढ़ने के बाद अलीगढ़ चला गया यासिर
दिल्ली विस्फोट मामले में हिरासत में लिए गए डॉ. आरिफ मीर को अशोकनगर में किराये पर कमरा दिलाने वाला डॉ. यासिर हुसैन सिर्फ सवा महीने ही कार्डियोलॉजी में रहा। इसके बाद उसने अपना विकल्प बदल लिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया। वहीं, डॉ. आरिफ ने एसजीपीजीआई छोड़कर कार्डियोलॉजी में प्रवेश लिया था। यह बात भी चिकित्सा शिक्षकों को चौंका रही है।

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डॉ. आरिफ को दिलाया था अशोकनगर में किराये का कमरा
डॉ. यासिर हुसैन को नीट-सुपर स्पेशियलिटी की पहली काउंसलिंग में कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में प्रवेश मिला था लेकिन दूसरी काउंसलिंग में उसने अलीगढ़ विकल्प दे दिया। कार्डियोलॉजी से मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. यासिर कार्डियोलॉजी में एक-सवा महीना ही रहा है। फ्लैट में आरिफ के साथ रहने वाले डॉ. अभिषेक ने बताया कि डॉ. यासिर ने ही अशोकनगर के फ्लैट में डॉ. आरिफ को कमरा दिलाने के लिए कहा था। खुफिया एजेंसियां डॉ. यासिर का भी ब्योरा जुटा रही हैं। कार्डियोलॉजी में उसके उपलब्ध ब्योरे को सुरक्षित कर लिया गया है।

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