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कानपुर: अखंड शिवधाम आश्रम पर कब्जे का विवाद, संतों संग धरने पर बंजरंगी
Fri, 28 May 2021 11:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 May 2021 11:20 AM IST
सार
बिठूर अवधूत आश्रम के महंत ब्रजानंद बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ आश्रम पहुंचकर आश्रम में रह रहीं डॉ. रेनू तिवारी पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हंगामा करते हुए आश्रम खाली करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
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अखण्ड शिवधाम आश्रम पर कब्जे को लेकर विवाद,धरने पर बैठे सन्त और बजरंग दल कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में बिठूर के लवकुश नगर स्थित अखंड शिवधाम आश्रम पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया है। गुरुवार को बिठूर अवधूत आश्रम के महंत ब्रजानंद बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ आश्रम पहुंचकर आश्रम में रह रहीं डॉ. रेनू तिवारी पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हंगामा करते हुए आश्रम खाली करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
जानकारी पर बिठूर, चौबेपुर, पनकी, कल्याणपुर थाने का फोर्स पहुंचा। अखंड शिवधाम आश्रम के महंत स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज (98) की मृत्यु बीमारी के चलते 10 मई को हो गई थी। स्वामी प्रकाशानंद गोंडा जिले के रहने वाले थे। आश्रम में रहने वाली डॉ. रेनू तिवारी ने खुद को आश्रम ट्रस्ट की अध्यक्ष बताते हुए स्वामी प्रकाशानंद का षोडशी कार्यक्रम किया था।
महंत ब्रजानंद अवधूत का कहना है कि स्वामी प्रकाशानंद महाराज एक ट्रस्ट बना गए थे, जिसके अनुसार महामंडलेश्वर दिव्यानंद महाराज पीली कोठी वाले आश्रम की देखरेख करेंगे। आश्रम में साधु-संत रह सकते हैं। गृहस्थ व्यक्ति को घर-परिवार की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने डॉ. रेनू को आश्रम खाली करने की नसीहत दी। उधर, डॉ. रेनू का कहना है की स्वामी जी ने उन्हें आश्रम संस्था का अध्यक्ष बनाया था, जिसके कागजात भी उनके पास हैं। देररात तक बजरंग दल कार्यकर्ता और स्वामी ब्रजानंद अवधूत धरने पर डटे रहे।
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विवाद के पीछे ट्रस्ट की बेशकीमती संपत्तियां
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पास लाखों की कीमत की बेशकीमती संपत्तियां हैं। बताया जा रहा है कि इसके चलते ही ट्रस्ट के मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनसे जुड़े लोगों के अलावा भी कई लोगों की इन संपत्तियों पर नजर है।
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जानकारी पर बिठूर, चौबेपुर, पनकी, कल्याणपुर थाने का फोर्स पहुंचा। अखंड शिवधाम आश्रम के महंत स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज (98) की मृत्यु बीमारी के चलते 10 मई को हो गई थी। स्वामी प्रकाशानंद गोंडा जिले के रहने वाले थे। आश्रम में रहने वाली डॉ. रेनू तिवारी ने खुद को आश्रम ट्रस्ट की अध्यक्ष बताते हुए स्वामी प्रकाशानंद का षोडशी कार्यक्रम किया था।
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महंत ब्रजानंद अवधूत का कहना है कि स्वामी प्रकाशानंद महाराज एक ट्रस्ट बना गए थे, जिसके अनुसार महामंडलेश्वर दिव्यानंद महाराज पीली कोठी वाले आश्रम की देखरेख करेंगे। आश्रम में साधु-संत रह सकते हैं। गृहस्थ व्यक्ति को घर-परिवार की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने डॉ. रेनू को आश्रम खाली करने की नसीहत दी। उधर, डॉ. रेनू का कहना है की स्वामी जी ने उन्हें आश्रम संस्था का अध्यक्ष बनाया था, जिसके कागजात भी उनके पास हैं। देररात तक बजरंग दल कार्यकर्ता और स्वामी ब्रजानंद अवधूत धरने पर डटे रहे।
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विवाद के पीछे ट्रस्ट की बेशकीमती संपत्तियां
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पास लाखों की कीमत की बेशकीमती संपत्तियां हैं। बताया जा रहा है कि इसके चलते ही ट्रस्ट के मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनसे जुड़े लोगों के अलावा भी कई लोगों की इन संपत्तियों पर नजर है।