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कानपुर: तीसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ढा रहा कहर, फेफड़ों को पहुंचा रहा गंभीर नुकसान
Thu, 20 Jan 2022 07:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 20 Jan 2022 07:03 PM IST
सार
कानपुर में कोरोना की तीसरी लहर में अभी डेल्टा वायरस ही हावी है। कोरोना के जिन चार रोगियों को ऑक्सीजन की नौबत आई है, उनमें डेल्टा संक्रमण के ही लक्षण हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि वेंटिलेटर पर आए रोगी के फेफड़ों में दूसरी लहर जैसा नुकसान है। नगर में अभी तक ओमिक्रॉन के लिए छह संक्रमित मिले हैं।
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कानपुर में तीसरी लहर मे हावी हुआ डेल्टा वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर में कोरोना की तीसरी लहर में अभी डेल्टा वायरस ही हावी है। कोविड पॉजिटिव निकलने के बाद जो सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं, उनमें डेल्टा ही निकल रहा है। कोरोना के जिन चार रोगियों को ऑक्सीजन की नौबत आई है, उनमें डेल्टा संक्रमण के ही लक्षण हैं। अभी तक सिर्फ एक रोगी वेंटिलेटर पर रखा गया है।
चेस्ट एक्सरे रिपोर्ट में फाइब्रोसिस के लक्षण मिले हैं। फेफड़ों में बदलाव डेल्टा जैसा ही आया है। दूसरी लहर में रोगियों की एक्सरे रिपोर्ट भी इसी तरह की आ रही थी। नगर में अभी तक ओमिक्रॉन के छह संक्रमित मिले हैं। इनमें दो विदेश यात्री रहे, सभी निगेटिव हो गए हैं।
अभी जितने पॉजिटिव निकल रहे हैं, उनमें 85 फीसदी हल्के संक्रमण वाले हैं। 10 फीसदी रोगी ऐसे हैं जो संयत श्रेणी में हैं। पांच फीसदी रोगी ऐसे हैं जिन्हें घर या अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इनमें कोमॉर्बिड अधिक हैं। 35 फीसदी लोगों को दोबारा संक्रमण हुआ है। इन सभी डेल्टा जैसे लक्षण हैं।
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इसके अलावा जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में भी डेल्टा ही बताया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का माइक्रोबायोलॉजी विभाग जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अलग-अलग रिपोर्ट भेज रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि जो रोगी वेंटिलेटर पर हैं, उनमें डेल्टा जैसे लक्षण हैं। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि ओमिक्रॉन पॉजिटिव नहीं आ रहे हैं।
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चेस्ट एक्सरे रिपोर्ट में फाइब्रोसिस के लक्षण मिले हैं। फेफड़ों में बदलाव डेल्टा जैसा ही आया है। दूसरी लहर में रोगियों की एक्सरे रिपोर्ट भी इसी तरह की आ रही थी। नगर में अभी तक ओमिक्रॉन के छह संक्रमित मिले हैं। इनमें दो विदेश यात्री रहे, सभी निगेटिव हो गए हैं।
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अभी जितने पॉजिटिव निकल रहे हैं, उनमें 85 फीसदी हल्के संक्रमण वाले हैं। 10 फीसदी रोगी ऐसे हैं जो संयत श्रेणी में हैं। पांच फीसदी रोगी ऐसे हैं जिन्हें घर या अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इनमें कोमॉर्बिड अधिक हैं। 35 फीसदी लोगों को दोबारा संक्रमण हुआ है। इन सभी डेल्टा जैसे लक्षण हैं।
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इसके अलावा जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में भी डेल्टा ही बताया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का माइक्रोबायोलॉजी विभाग जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अलग-अलग रिपोर्ट भेज रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि जो रोगी वेंटिलेटर पर हैं, उनमें डेल्टा जैसे लक्षण हैं। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि ओमिक्रॉन पॉजिटिव नहीं आ रहे हैं।