Kanpur Dehat: यमुना का जलस्तर पांच मीटर बढ़ा, नदी खतरे के निशान के पार, 21 गांवों में आवागमन की परेशानी
केंद्रीय जल आयोग कालपी कार्यालय के कर्मचारी सौरभ यादव ने बताया कि बुधवार की शाम यमुना नदी का जलस्तर 109 मीटर के करीब पहुंच रहा है। जो खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है।
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कानपुर देहात में यमुना का जलस्तर 24 घंटे में पांच मीटर बढ़ने से नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। लाल निशान से एक मीटर ऊपर पानी चलने से पथार गांव की पुलिया, पड़ाव की पुलिया, चपरघटा पुराना पुल, मुसरिया पुलिया, क्योटरा पुलिया पर पानी का बहाव तेज गया है।
इससे 15 गांवों के लोगों आवागमन की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उधर, राजपुर में यमुना की तलहटी में बसे छह गांव के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। अभी केवल आढ़न व पथार और देवराहट गांव के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। अन्य रास्तों पर लोग जान जोखिम में डाल पानी के बीच से गुजर रहे हैं।
यमुना का जलस्तर मंगलवार की शाम से तेजी से बढ़ने लगा। इससे नदी बुधवार को खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई। कालपी स्थित रेलवे पुल और कानपुर-झांसी हाईवे के पुल के पास निरंतर पानी बढ़ रहा है। इससे पुल के दोनों तरफ कटान हो रही है।
वहीं, डिलौलिया बांगर गांव जाने वाले रास्ते पर भी पानी पहुंच गया है। बाढ़ का पानी नाले से होकर खेतों में भर रहा है। देवराहट गांव की पुरानी बस्ती में स्थित परिषदीय विद्यालय के पास तक पानी पहुंच गया है। पथार की पुलिया पर पांच मीटर से अधिक पानी बढ़ने के बाद अब गांव किनारे स्थित घरों के पास जलभराव हो गया है। इससे आढ़न गांव के लोग भी प्रभावित है। लगातार बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की चिंता का कारण बना हुआ है। बाढ़ को देखते हुए लोगों ने अपना सामान भी समेटना शुरू कर दिया है।
चपरघटा गांव में लोग मवेशियों के चारे का इंतजाम करने में जुट गए हैं। चपरघटा मुगलरोड के पुराने पुल के ऊपर पानी पहुंच गया है। उधर, पड़ाव की पुलिया पर पानी पहुंचने से कुंभापुर, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, भुडा, भरतौली गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी।
मुसरिया की पुलिया पर पानी आने से नगीना, कट्टा पुरवा, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, मौदन, सिमरिया गांवों के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। लोग पैदल ही पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं। क्योटरा गांव की पुलिया पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
एसडीएम अजय कुमार राय ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग कालपी कार्यालय के कर्मचारी सौरभ यादव ने बताया कि बुधवार की शाम यमुना नदी का जलस्तर 109 मीटर के करीब पहुंच रहा है। जो खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है।