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कानपुर देहात : दो गांव अभी भी बने टापू, सड़क कटने से आवागमन बाधित
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पाल नगर-उसरी रोड़ पर जलभराव से कटी सड़क। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद। सियारी नाला का जलस्तर तो कम हो रहा है लेकिन ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। दो गांव अभी भी टापू बने हैं। तीन सड़कों में कटान होने से करीब 11 गांव के लोगों का आवागमन बाधित है।
जलभराव से पांच सौ बीघा धान की फसल खराब हो चुकी है। वहीं पानी कम होने से कीचड़ व गंदगी बढ़ने लगी है। इससे बीमारी फैलने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।
औरैया जिले के धुपखरी उपरेंगा झील से निकले सियारी नाला में आया पानी गुरुवार को घट गया है। इससे रसूलाबाद लहरापुर मार्ग से लोग पैदल आवागमन कर रहे हैं। सड़क की कटान होने से वाहनों का आवागमन नहीं शुरू हो पा रहा है।
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भारामऊ के पास सियारी नाला पुलिया की रेलिंग जलस्तर बढ़ने से अभी डूबी है। तेज बहाव से रसूलाबाद औरैया मुख्य मार्ग की सड़क कट गई है। झींगापुरवा व मड़ैया गांव अभी टापू बने हैं। ग्रामीण यहां से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं।
दैनिक जरूरतों के सामान के लिए ग्रामीण परेशान हैं। महेंद्र नगर गांव के अंदर भरा पानी कम हो गया है लेकिन खेतों के हालात अभी भी वही हैं। पानी कम होने से कीचड़ व गंदगी बढ़ गई है इससे बीमारी का खतरा बना है। जलभराव से तराई क्षेत्र की करीब पांच सौ बीघा धान की फसल पूरी तरह से सड़ गई है।
दस किमी का चक्कर काटना मजबूरी
नाला उफनाने से उसरी, कठारा, महेंद्र नगर, ताजपुर मार्ग में बनी पुलिया के ऊपर से पानी अभी भी बह रहा है। इससे महेंद्र नगर सेक्टर दो व चार, ताजपुर, तरसौली, शंकरपुर, कल्ला का पुरवा आदि गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
रसूलाबाद औरैया के बीच चलने वाली रोडवेज बसें व अन्य वाहन रसूलाबाद झींझक रोड से कल्लापुरवा गांव होते हुए लोग दस किमी का अतिरिक्त चक्कर काटकर निकल रहे हैं। बाइक, साइकिल, कार आदि वाहन लेकर निकलने में मुश्किल हो रही है।
सियारी नाले में पानी अधिक आने से गांवों में जलभराव हो गया है। सड़कों की कटान हो गई है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पानी कम होते ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। ग्रामीणों की आवश्यक मदद के लिए राजस्व टीम नजर बनाए है। फसल नुकसान पर किसानों को फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। - अंजू वर्मा, एसडीएम, रसूलाबाद
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जलभराव से पांच सौ बीघा धान की फसल खराब हो चुकी है। वहीं पानी कम होने से कीचड़ व गंदगी बढ़ने लगी है। इससे बीमारी फैलने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।
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औरैया जिले के धुपखरी उपरेंगा झील से निकले सियारी नाला में आया पानी गुरुवार को घट गया है। इससे रसूलाबाद लहरापुर मार्ग से लोग पैदल आवागमन कर रहे हैं। सड़क की कटान होने से वाहनों का आवागमन नहीं शुरू हो पा रहा है।
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भारामऊ के पास सियारी नाला पुलिया की रेलिंग जलस्तर बढ़ने से अभी डूबी है। तेज बहाव से रसूलाबाद औरैया मुख्य मार्ग की सड़क कट गई है। झींगापुरवा व मड़ैया गांव अभी टापू बने हैं। ग्रामीण यहां से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं।
दैनिक जरूरतों के सामान के लिए ग्रामीण परेशान हैं। महेंद्र नगर गांव के अंदर भरा पानी कम हो गया है लेकिन खेतों के हालात अभी भी वही हैं। पानी कम होने से कीचड़ व गंदगी बढ़ गई है इससे बीमारी का खतरा बना है। जलभराव से तराई क्षेत्र की करीब पांच सौ बीघा धान की फसल पूरी तरह से सड़ गई है।
दस किमी का चक्कर काटना मजबूरी
नाला उफनाने से उसरी, कठारा, महेंद्र नगर, ताजपुर मार्ग में बनी पुलिया के ऊपर से पानी अभी भी बह रहा है। इससे महेंद्र नगर सेक्टर दो व चार, ताजपुर, तरसौली, शंकरपुर, कल्ला का पुरवा आदि गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
रसूलाबाद औरैया के बीच चलने वाली रोडवेज बसें व अन्य वाहन रसूलाबाद झींझक रोड से कल्लापुरवा गांव होते हुए लोग दस किमी का अतिरिक्त चक्कर काटकर निकल रहे हैं। बाइक, साइकिल, कार आदि वाहन लेकर निकलने में मुश्किल हो रही है।
सियारी नाले में पानी अधिक आने से गांवों में जलभराव हो गया है। सड़कों की कटान हो गई है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पानी कम होते ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। ग्रामीणों की आवश्यक मदद के लिए राजस्व टीम नजर बनाए है। फसल नुकसान पर किसानों को फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। - अंजू वर्मा, एसडीएम, रसूलाबाद