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कानपुर देहात ः ट्रामा सेंटर की बिजली गुल, बाहर बैठकर चिकित्सकों ने देखे मरीज
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ट्रामा सेंटर में बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिला अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर की बिजली गुल होने से बुधवार को ऑर्थो की ओपीडी में चिकित्सक व मरीज गर्मी से बेहाल रहे। डॉक्टर ने ट्रामा सेंटर के गेट के बाहर बैठकर मरीजों का उपचार किया। वहीं, आरओ मशीन नहीं चलने से पेयजल किल्लत भी रही। इसके बाद भी सीएमएस जनरेटर से बिजली आपूर्ति करने का दावा करतीं रहीं।
जिला व महिला अस्पताल का फीडर मंगलवार की रात साढ़े आठ बजे फुंक गया था। इसके बाद जिला व महिला अस्पताल में जनरेटर के सहारे विद्युत आपूर्ति की गई। बुधवार की सुबह तक ट्रामा सेंटर में बिजली की व्यवस्था नहीं हुई। इससे ऑर्थो की ओपीडी में पहुंचे चिकित्सक व मरीज गर्मी से बेहाल रहे।
गर्मी से राहत के लिए चिकित्सक ने सेंटर के बाहर बैठकर मरीजों का उपचार शुरू किया। बिजली न आने से स्वास्थ्य कर्मी सिर्फ दो मरीजों को ही प्लास्टर चढ़ा पाए। डॉ. ओमदेव ने बताया कि सेंटर में लाइट नहीं आने से परेशानी हुई।
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इससे बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करना पड़ा। वहीं, बिजली न होने से ट्रामा सेंटर के बाहर लगा आरओ प्लांट भी बंद रहा। इससे मरीजों को बाजार से पानी खरीदकर पीना पड़ा। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने 130 मरीजों का उपचार किया।
सीएमएस का दावा चलवाया गया जनरेटर
मंगलवार की रात साढ़े आठ बजे जिला व महिला अस्पताल का फीडर फुंक गया था। इस वजह से कुछ परेशानी हुई। दोनों अस्पतालों व ट्रामा सेंटर में जनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।
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जिला व महिला अस्पताल का फीडर मंगलवार की रात साढ़े आठ बजे फुंक गया था। इसके बाद जिला व महिला अस्पताल में जनरेटर के सहारे विद्युत आपूर्ति की गई। बुधवार की सुबह तक ट्रामा सेंटर में बिजली की व्यवस्था नहीं हुई। इससे ऑर्थो की ओपीडी में पहुंचे चिकित्सक व मरीज गर्मी से बेहाल रहे।
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गर्मी से राहत के लिए चिकित्सक ने सेंटर के बाहर बैठकर मरीजों का उपचार शुरू किया। बिजली न आने से स्वास्थ्य कर्मी सिर्फ दो मरीजों को ही प्लास्टर चढ़ा पाए। डॉ. ओमदेव ने बताया कि सेंटर में लाइट नहीं आने से परेशानी हुई।
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इससे बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करना पड़ा। वहीं, बिजली न होने से ट्रामा सेंटर के बाहर लगा आरओ प्लांट भी बंद रहा। इससे मरीजों को बाजार से पानी खरीदकर पीना पड़ा। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने 130 मरीजों का उपचार किया।
सीएमएस का दावा चलवाया गया जनरेटर
मंगलवार की रात साढ़े आठ बजे जिला व महिला अस्पताल का फीडर फुंक गया था। इस वजह से कुछ परेशानी हुई। दोनों अस्पतालों व ट्रामा सेंटर में जनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।