Kanpur Dehat: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कारावास, अर्थदंड भी लगाया
कानपुर देहात में बिल्हौर क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को अदालत ने दस साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह व सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान ने बताया कि कानपुर नगर के बिल्हौर क्षेत्र के एक गांव निवासी ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका पड़ोसी उससे रंजिश मानता है।
उसकी शह पर बरौली गांव का बृजेश उर्फ नन्हें उर्फ विपिन उसकी नाबालिग पुत्री को 16 अप्रैल 2015 फुसलाकर ले गया। पुलिस ने 22 अप्रैल 2015 को पुत्री को बृजेश के यहां से खोज निकाला। कुछ समय बाद 13 मई 2015 को फिर बृजेश उसकी पुत्री को फुसलाकर कर साथ ले गया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को बरामद कर बृजेश को जेल भेज दिया था। नाबालिग के बयान व चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय 13 पॉक्सो बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने बृजेश को दोष सिद्ध करते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास काटने का आदेश दिया है। अर्थदंड की धनराशि से दस हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश भी अदालत ने दिया है।
एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर
घटना के बाद पीड़ित ने जब थाने में तहरीर दी तो बिल्हौर पुलिस ने अपनी लड़की खुद ढूंढो यह पुलिस का काम नहीं है कहते हुए रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। लगातार उसे छह दिनों तक थाने का चक्कर लगवाया जाता रहा। बाद में पीड़ित ने 19 मई 2015 को एसएसपी के सामने मदद की गुहार लगाई। तब एसएसपी के आदेश पर थाना बिल्हौर में पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।