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सेफ्टी टैंक में दम घुटने से दो चचेरे भाइयों की मौत, हंगामा
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कानपुर देहात के रूरा कस्बा स्थित सुभाष नगर मोहल्ले में सीवर टैंक में उतरे दो युवकों की मौत की सूच?
- फोटो : AKBARPUR
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रूरा (कानपुर देहात)। सुभाष नगर में गुरुवार देर रात एक मकान में बने सेफ्टी टैंक की सफाई करने उतरे दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों मजदूरों के शवों को टैंक से बाहर निकाला। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए मजदूरों को बुलाने वाले पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सड़क पर शव रखकर नारेबाजी की। पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर गुस्साए लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। पुलिस ने सेफ्टी बैंक की सफाई कराने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
गहोलिया निवासी शिव बालक कमल ने दो महीने पहले सुभाष नगर में राम स्वरूप चतुर्वेदी का मकान किराये में लिया था। मकान का सेफ्टी टैंक साफ कराने के लिए शिव बालक के बेटे विनोद ने मोहल्ले में रहने वाले छोटे लाल के बेटे नरेंद्र (28) और उसके चचेरे भाई शानू कुमार (25) को बुलाया था। दोनों भाइयों ने डेढ़ हजार रुपये में सेफ्टी टैंक की सफाई का ठेका लिया था। दोनों भाई टैंक की सफाई करने उतरे। काफी देर तक दोनों बाहर नहीं निकले तो विनोद को अनहोनी का शक हुआ। विनोद ने आसपास के लोगों और मजदूरों के परिजनों को बुलाया। लोगों ने टैंक में झांक कर आवाज दी। जवाब न मिलने पर मजदूरों के परिवार के श्याम और पुतई टैंक में उतरे। उन्होंने देखा कि दोनों की मौत हो चुकी है। श्याम और पुतई ने लोगों की मदद से दोनों के शव बाहर निकाले। परिजनों ने बिना सेफ्टी किट के दोनों भाइयों को टैंक में उतारने पर हंगामा किया। दोनों की मौत के लिए विनोद को जिम्मेदार ठहराते हुए सड़क पर शवों को रखकर नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। थाना प्रभारी सैयद मोहम्मद अब्बास का कहना है कि मृतकों के परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
एसडीएम और सीओ पहुंचे
दो मजदूरों की मौत पर शुक्रवार सुबह एसडीएम सदर आनंद कुमार सिंह और सीओ अकबरपुर अर्पित कपूर मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने घटनास्थल का मुआयना किया। परिजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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दम घुटने से हुई मौत
पोस्टमार्टम में नरेंद्र और शानू की दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों भाइयों की स्वांस नली में कीचड़ और गंदगी भर गई थी। इसी से दोनों का दम घुट गया। दोनों के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है।
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गहोलिया निवासी शिव बालक कमल ने दो महीने पहले सुभाष नगर में राम स्वरूप चतुर्वेदी का मकान किराये में लिया था। मकान का सेफ्टी टैंक साफ कराने के लिए शिव बालक के बेटे विनोद ने मोहल्ले में रहने वाले छोटे लाल के बेटे नरेंद्र (28) और उसके चचेरे भाई शानू कुमार (25) को बुलाया था। दोनों भाइयों ने डेढ़ हजार रुपये में सेफ्टी टैंक की सफाई का ठेका लिया था। दोनों भाई टैंक की सफाई करने उतरे। काफी देर तक दोनों बाहर नहीं निकले तो विनोद को अनहोनी का शक हुआ। विनोद ने आसपास के लोगों और मजदूरों के परिजनों को बुलाया। लोगों ने टैंक में झांक कर आवाज दी। जवाब न मिलने पर मजदूरों के परिवार के श्याम और पुतई टैंक में उतरे। उन्होंने देखा कि दोनों की मौत हो चुकी है। श्याम और पुतई ने लोगों की मदद से दोनों के शव बाहर निकाले। परिजनों ने बिना सेफ्टी किट के दोनों भाइयों को टैंक में उतारने पर हंगामा किया। दोनों की मौत के लिए विनोद को जिम्मेदार ठहराते हुए सड़क पर शवों को रखकर नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। थाना प्रभारी सैयद मोहम्मद अब्बास का कहना है कि मृतकों के परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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एसडीएम और सीओ पहुंचे
दो मजदूरों की मौत पर शुक्रवार सुबह एसडीएम सदर आनंद कुमार सिंह और सीओ अकबरपुर अर्पित कपूर मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने घटनास्थल का मुआयना किया। परिजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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दम घुटने से हुई मौत
पोस्टमार्टम में नरेंद्र और शानू की दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों भाइयों की स्वांस नली में कीचड़ और गंदगी भर गई थी। इसी से दोनों का दम घुट गया। दोनों के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है।