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Kanpur News: सरकारी क्रय केंद्र पर 16 दिन बाद भी नहीं हुई आलू की खरीद
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कानपुर देहात। आलू के दाम फर्श पर आने और कोल्ड स्टोरेज जल्द फुल होने की समस्या पर सरकार ने आलू की सरकारी खरीद का फैसला किया। 10 मार्च से खरीद शुरू करने के आदेश दिए गए लेकिन जिले में क्रय केंद्र 20 मार्च को खुला।
आलू बेल्ट से दूरी अधिक होने पर तीसरे दिन क्रय केंद्र स्थल बदल कर रूरा किया गया। इसके बाद जरूरी प्रचार प्रसार की कमी रही। इसी बीच बाजार में आलू के दाम बढ़ गए तो क्रय केंद्र खुलने के 16 दिन बाद भी बोहनी नहीं हो सकी।
कृषि विभाग के आकड़ों में जिले में 3990 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बोआई हुई थी। लगभग 15 हजार से अधिक किसानों ने आलू उगाया। करीब एक लाख 19 हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ।
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इधर आलू बेल्ट वाले रूरा, झींझक व रसूलाबाद क्षेत्र में स्थिति कोल्ड स्टोरेज मार्च मध्य में फुल हो गए हैं। आलू रखने को लेकर नजदीकी कोल्ड स्टोरेज में किसानों को जगह नहीं मिलने पर तिगाई के पास एक किसान सड़क किनारे बीस बोरी आलू फेंक कर चला गया।
इधर सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए आलू की सरकारी खरीद का फैसला लिया लेकिन जिले में इसकी तैयारी देरी से हो सकी। सरकार ने 10 मार्च से नौ अप्रैल तक आलू की सरकारी खरीद करने को कहा था, लेकिन जिले में क्रय केंद्र 20 मार्च को उपमंडी स्थल अकबरपुर में खोला जा सका।
यह स्थल आलू बेल्ट वाले स्थानों से दूर था तो यहां किसान नहीं पहुंचे। अफसरों को गलती का एहसास हुआ तो तीसरे दिन क्रय केंद्र मंडी रूरा में शिफ्ट कर दिया गया। अलबत्ता जरूरी प्रचार प्रसार की जरूरत नहीं समझी गई।
इसका असर ये हुआ कि किसान आलू लेकर नहीं पहुंचे। बाद में बाजार में आलू के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक हो गए तो किसान आलू खेप लेकर क्रय केंद्र पर नहीं गए। अब 16 दिन हो चुके हैं और आलू क्रय केंद्र पर आलू की सरकारी खरीद की बोहनी नहीं हो सकी है।
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आलू बेल्ट से दूरी अधिक होने पर तीसरे दिन क्रय केंद्र स्थल बदल कर रूरा किया गया। इसके बाद जरूरी प्रचार प्रसार की कमी रही। इसी बीच बाजार में आलू के दाम बढ़ गए तो क्रय केंद्र खुलने के 16 दिन बाद भी बोहनी नहीं हो सकी।
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कृषि विभाग के आकड़ों में जिले में 3990 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बोआई हुई थी। लगभग 15 हजार से अधिक किसानों ने आलू उगाया। करीब एक लाख 19 हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ।
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इधर आलू बेल्ट वाले रूरा, झींझक व रसूलाबाद क्षेत्र में स्थिति कोल्ड स्टोरेज मार्च मध्य में फुल हो गए हैं। आलू रखने को लेकर नजदीकी कोल्ड स्टोरेज में किसानों को जगह नहीं मिलने पर तिगाई के पास एक किसान सड़क किनारे बीस बोरी आलू फेंक कर चला गया।
इधर सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए आलू की सरकारी खरीद का फैसला लिया लेकिन जिले में इसकी तैयारी देरी से हो सकी। सरकार ने 10 मार्च से नौ अप्रैल तक आलू की सरकारी खरीद करने को कहा था, लेकिन जिले में क्रय केंद्र 20 मार्च को उपमंडी स्थल अकबरपुर में खोला जा सका।
यह स्थल आलू बेल्ट वाले स्थानों से दूर था तो यहां किसान नहीं पहुंचे। अफसरों को गलती का एहसास हुआ तो तीसरे दिन क्रय केंद्र मंडी रूरा में शिफ्ट कर दिया गया। अलबत्ता जरूरी प्रचार प्रसार की जरूरत नहीं समझी गई।
इसका असर ये हुआ कि किसान आलू लेकर नहीं पहुंचे। बाद में बाजार में आलू के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक हो गए तो किसान आलू खेप लेकर क्रय केंद्र पर नहीं गए। अब 16 दिन हो चुके हैं और आलू क्रय केंद्र पर आलू की सरकारी खरीद की बोहनी नहीं हो सकी है।