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शटरिंग हटाने के दौरान ढही सीढ़ी, मलबे में दबकर प्रवासी मजूदर की मौत
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रूरा। अकबरपुर रोड पर सोमवार सुबह निर्माणाधीन मकान की शटरिंग खोलने के दौरान बेसमेंट की सीढ़ी ढह गई। मलबे में दबकर काम कर रहा मजदूर नरेंद्र कश्यप (30) की मौत हो गई। 15 दिन पहले ही वह दिल्ली से लौटा था।
बजरंग नगर में अकबरपुर रोड पर भवन निर्माण हो रहा है। बेसमेंट में जाने के लिए कुछ दिन पहले ही सीढ़ियां बनाई गई थीं। सोमवार को शटरिंग हटाने काम रूरा के शिवाजी नगर निवासी वीरेंद्र कुमार मजूदरों से करा रहा था। शाही, सरगांव बुजुर्ग निवासी नरेंद्र कश्यप और गैजूमऊ निवासी गोविंद शटरिंग हटा रहे थे। तभी बेसमेंट की सीढ़ियां भरभरा कर ढह गई। मलबे में दबकर नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। गोविंद के चिल्लाने पर अन्य लोग पहुंचे और नरेंद्र को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा। मजदूर के पिता रामचंद्र, भाई कोमल व पत्नी मीना भी पहुंच गए। जिला अस्पताल में नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। पिता रामचंद्र ने बताया कि बेटे की दो वर्ष पूर्व शादी हुई थी। छह माह की बेटी है। दिल्ली में नरेंद्र भवन निर्माण में मजदूरी करता था। वह शटरिंग का काम जानता था। वह 15 दिन पहले ही घर लौट आया था। इसके बाद से काम की तलाश में था। रूरा में उसका परिचय शिवाजी नगर निवासी शटरिंग मालिक वीरेंद्र से हुआ तो उन्होंने उसे काम पर बुलाया था। रविवार को उसने काम मिलने की जानकारी परिजनों को दी थी। सोमवार को ही वह यहां शटरिंग हटवाने की मजदूरी करने पहुंचा था और हादसा हो गया।
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बजरंग नगर में अकबरपुर रोड पर भवन निर्माण हो रहा है। बेसमेंट में जाने के लिए कुछ दिन पहले ही सीढ़ियां बनाई गई थीं। सोमवार को शटरिंग हटाने काम रूरा के शिवाजी नगर निवासी वीरेंद्र कुमार मजूदरों से करा रहा था। शाही, सरगांव बुजुर्ग निवासी नरेंद्र कश्यप और गैजूमऊ निवासी गोविंद शटरिंग हटा रहे थे। तभी बेसमेंट की सीढ़ियां भरभरा कर ढह गई। मलबे में दबकर नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। गोविंद के चिल्लाने पर अन्य लोग पहुंचे और नरेंद्र को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा। मजदूर के पिता रामचंद्र, भाई कोमल व पत्नी मीना भी पहुंच गए। जिला अस्पताल में नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। पिता रामचंद्र ने बताया कि बेटे की दो वर्ष पूर्व शादी हुई थी। छह माह की बेटी है। दिल्ली में नरेंद्र भवन निर्माण में मजदूरी करता था। वह शटरिंग का काम जानता था। वह 15 दिन पहले ही घर लौट आया था। इसके बाद से काम की तलाश में था। रूरा में उसका परिचय शिवाजी नगर निवासी शटरिंग मालिक वीरेंद्र से हुआ तो उन्होंने उसे काम पर बुलाया था। रविवार को उसने काम मिलने की जानकारी परिजनों को दी थी। सोमवार को ही वह यहां शटरिंग हटवाने की मजदूरी करने पहुंचा था और हादसा हो गया।
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