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कानपुर देहात : पारा फिर 44.8 डिग्री, गर्म हवाओं ने किया बेहाल, 22 से 25 मई के बीच आंधी व बारिश की संभावना
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रसूलाबाद में गर्मी से बचाव के लिए बस स्टैंड पर कपड़े से शरीर ढके बैठे बच्चे। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है। सप्ताह में दूसरी बार फिर से शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीते सोमवार को भी अधिकतम तापमान इतना ही थी।
गर्मी के कारण गलियों से लेकर सड़क तक सन्नाटा पसरा नजर आया। शरीर झुलसाने वाली तेज धूप व गर्म हवाओं से हर कोई बेहाल दिखा। मौसम विभाग ने अब 22 से 25 मई के बीच धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है।
गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह के समय हल्की बदली छाई तो ऐसा लगा गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन नौ बजे ही बदली छंट गई और धूप निकल आई।
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11 बजे से ही आसमान से आग बरसने लगी। दोपहर एक बजे गर्मी अपने प्रचंड रूप में पहुंच गई और बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घरों में भी पंखे व कूलर गर्मी के आगे बेबस दिखाई दिए। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं साढ़े चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले लू के थपेड़े चुभते रहे। जिले में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी के चलते लोग डायरिया और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
चिकित्सक लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कानपुर सीएसए के मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हल्की बदली छाने की संभावना जताई है। 22 मई से 25 मई के बीच धूल भरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी
बढ़ते तापमान के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल है। पशु चिकित्साधिकारी गर्मी में पशुपालकों को मवेशियों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी बढ़ने पर पशुओं की पाचन प्रणाली व दुग्ध उत्पादन क्षमता पर असर पड़ता है।
पशुओं को दिन में कई बार ताजा पानी पिलाना चाहिए। इसके साथ हरा चारा खिलाना चाहिए। पशु बाड़े की छत पर घास व करवी डालें जिससे गर्मी की तपिश पशुओं तक ना पहुंचे। पशुओं को दिए जाने वाले पुष्टाहार का विशेष ध्यान रखें। उन्हें पेड़ की छाया में बांधे।
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गर्मी के कारण गलियों से लेकर सड़क तक सन्नाटा पसरा नजर आया। शरीर झुलसाने वाली तेज धूप व गर्म हवाओं से हर कोई बेहाल दिखा। मौसम विभाग ने अब 22 से 25 मई के बीच धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है।
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गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह के समय हल्की बदली छाई तो ऐसा लगा गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन नौ बजे ही बदली छंट गई और धूप निकल आई।
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11 बजे से ही आसमान से आग बरसने लगी। दोपहर एक बजे गर्मी अपने प्रचंड रूप में पहुंच गई और बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घरों में भी पंखे व कूलर गर्मी के आगे बेबस दिखाई दिए। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं साढ़े चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले लू के थपेड़े चुभते रहे। जिले में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी के चलते लोग डायरिया और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
चिकित्सक लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कानपुर सीएसए के मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हल्की बदली छाने की संभावना जताई है। 22 मई से 25 मई के बीच धूल भरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी
बढ़ते तापमान के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल है। पशु चिकित्साधिकारी गर्मी में पशुपालकों को मवेशियों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी बढ़ने पर पशुओं की पाचन प्रणाली व दुग्ध उत्पादन क्षमता पर असर पड़ता है।
पशुओं को दिन में कई बार ताजा पानी पिलाना चाहिए। इसके साथ हरा चारा खिलाना चाहिए। पशु बाड़े की छत पर घास व करवी डालें जिससे गर्मी की तपिश पशुओं तक ना पहुंचे। पशुओं को दिए जाने वाले पुष्टाहार का विशेष ध्यान रखें। उन्हें पेड़ की छाया में बांधे।