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मलेरिया फैल्सीफैरम का इंजेक्शन जांच में फेल, प्रदेश में सप्लाई पर रोक
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कानपुर देहात। जांच के सैंपल फेल होने पर उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉपोरेशन लिमिटेड ने जिले में भेजे गए फैल्सीपेरम के इंजेक्शन की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। इस इंजेक्शन के प्रयोग पर प्रदेश के सभी जिला अस्पताल व अन्य अस्पतालों में इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है। यह इंजेक्शन मलेरिया फैल्सीपेरम बुखार होने पर लगाया जाता है।
सीएमओ डा. हीरा सिंह ने बताया कि पिछले दिनों मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने एएनजी लाइफ सैंसेज इंडिया लिमिटेड का एरथ्रेसुनेट आईपी-60 एमजी इंजेक्शन बैच नंबर एए079002 भेजे थे। यह इंजेक्शन 100 की संख्या में सीएमएसडी स्टोर में भेजे गए थे। नमूना भेजने पर इंजेक्शन मानकों पर खरा नहीं उतर सका। इसके चलते कारपोरेशन की ओर से भेजे गए इन इंजेक्शनों के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। ताकि मरीजों के साथ कोई अनहोनी न हो सके। सीएमओ ने बताया कि मेडिकल सप्लाई कॉपोरेशन ने इस दवा की सप्लाई पर प्रदेश के सभी जिलों में रोक लगा दी है।
कारपोरेशन की तरफ से जिले में भेजी गई दवाओं का बिना जांच के किए वितरण न करने के सख्त निर्देश हैं। बावजूद इसके जांच में फेल पाया गया मलेरिया इंजेक्शन एरथ्रेसुनेट सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज दिया गया। अब कारपोरेशन की ओर से रोक लगाए जाने के बाद उन्हेें वापस किया जा रहा है। इस पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों से इंजेक्शन के प्रयोग न करते हुए उसे फौरन वापस करने के निर्देश जारी किए हैं।
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सीएमओ डा. हीरा सिंह ने बताया कि पिछले दिनों मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने एएनजी लाइफ सैंसेज इंडिया लिमिटेड का एरथ्रेसुनेट आईपी-60 एमजी इंजेक्शन बैच नंबर एए079002 भेजे थे। यह इंजेक्शन 100 की संख्या में सीएमएसडी स्टोर में भेजे गए थे। नमूना भेजने पर इंजेक्शन मानकों पर खरा नहीं उतर सका। इसके चलते कारपोरेशन की ओर से भेजे गए इन इंजेक्शनों के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। ताकि मरीजों के साथ कोई अनहोनी न हो सके। सीएमओ ने बताया कि मेडिकल सप्लाई कॉपोरेशन ने इस दवा की सप्लाई पर प्रदेश के सभी जिलों में रोक लगा दी है।
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कारपोरेशन की तरफ से जिले में भेजी गई दवाओं का बिना जांच के किए वितरण न करने के सख्त निर्देश हैं। बावजूद इसके जांच में फेल पाया गया मलेरिया इंजेक्शन एरथ्रेसुनेट सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज दिया गया। अब कारपोरेशन की ओर से रोक लगाए जाने के बाद उन्हेें वापस किया जा रहा है। इस पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों से इंजेक्शन के प्रयोग न करते हुए उसे फौरन वापस करने के निर्देश जारी किए हैं।
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