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अफसर कितना भी करें जतन, खुलेआम कूड़ा जलाएंगे हम
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अकबरपुर सीएचसी में वार्ड़ के पीछे गड्ढ़े में डंप जला हुआ कूड़ा।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। प्रतिबंध के बावजूद अकबरपुर सीएचसी वार्ड के पीछे बॉयो मेडिकल वेस्ट व कूड़ा जलाने पर एसीएमओ की चेतावनी भी बेअसर साबित हो रही है। अस्पताल कर्मी गड्ढे में बाकायदा वेस्ट व कूड़ा डंप कर जला रहे हैं। इससे प्रदूषण में इजाफा हो रहा है।
एनजीटी व शासन के निर्देश पर पराली व कूड़ा जलाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। डीएम, एसपी से लेकर तमाम अफसर भी लोगों को पराली व कूड़ा न जलाने की नसीहत दे रहे हैं। ताकि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। इसके बावजूद जिला मुख्यालय के सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर में वार्डों के पीछे ही गड्ढा खोदकर बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जऱ्लाया जा रहा है। कर्मी अस्पताल से निकलने वाले पूरे दिन के वेस्ट और कूड़ा-करकट को गड्ढे में डंप कर आग के हवाले कर देते हैं। इससे चारों तरफ जहरीला धुआं फैलता है और अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके तीमारदारों को सांस लेने में दिक्कत होती है। जबकि सीएचसी परिसर में ही सीएमओ खुद निवास करते हैं। फिर भी बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है।
22 दिसंबर को अमर उजाला में सीएचसी में कूड़ा जलाए जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ने अपर सीएमओ डॉ. वीपी सिंह को मौके पर भेजा। उन्होंने 23 दिसंबर को सीएचसी का निरीक्षण किया था। तब वार्ड के पीछे गड्ढे में बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जला मिला था। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आईएच खान से नाराजगी जताते हुए गड्ढे को बंद कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक गड्ढे में वेस्ट व कूड़ा डंप कर जलाया जा रहा है।
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चिकित्सा अधीक्षक अकबरपुर डॉ. आईएच खान ने सीएचसीअकबरपुर नगर पंचायत चेयरमैन से गड्ढे को बंद कराने के लिए मिट्टी डलवाने को कहा गया था। अभी तक मिट्टी नहीं आई है।
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एनजीटी व शासन के निर्देश पर पराली व कूड़ा जलाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। डीएम, एसपी से लेकर तमाम अफसर भी लोगों को पराली व कूड़ा न जलाने की नसीहत दे रहे हैं। ताकि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। इसके बावजूद जिला मुख्यालय के सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर में वार्डों के पीछे ही गड्ढा खोदकर बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जऱ्लाया जा रहा है। कर्मी अस्पताल से निकलने वाले पूरे दिन के वेस्ट और कूड़ा-करकट को गड्ढे में डंप कर आग के हवाले कर देते हैं। इससे चारों तरफ जहरीला धुआं फैलता है और अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके तीमारदारों को सांस लेने में दिक्कत होती है। जबकि सीएचसी परिसर में ही सीएमओ खुद निवास करते हैं। फिर भी बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है।
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22 दिसंबर को अमर उजाला में सीएचसी में कूड़ा जलाए जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ने अपर सीएमओ डॉ. वीपी सिंह को मौके पर भेजा। उन्होंने 23 दिसंबर को सीएचसी का निरीक्षण किया था। तब वार्ड के पीछे गड्ढे में बॉयोमेडिकल वेस्ट व कूड़ा जला मिला था। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आईएच खान से नाराजगी जताते हुए गड्ढे को बंद कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक गड्ढे में वेस्ट व कूड़ा डंप कर जलाया जा रहा है।
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चिकित्सा अधीक्षक अकबरपुर डॉ. आईएच खान ने सीएचसीअकबरपुर नगर पंचायत चेयरमैन से गड्ढे को बंद कराने के लिए मिट्टी डलवाने को कहा गया था। अभी तक मिट्टी नहीं आई है।