फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Dehat: Flood victims started gathering household amid silt and dirt, Yamuna's water level reached below danger mark

Kanpur Dehat : सिल्ट व गंदगी के बीच गृहस्थी जुटाने लगे बाढ़ पीड़ित, खतरे के निशान से नीचे पहुंचा यमुना का जलस्तर

Wed, 31 Aug 2022 01:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 01:33 AM IST
विज्ञापन
Kanpur Dehat: Flood victims started gathering household amid silt and dirt, Yamuna's water level reached below danger mark
बाढ़ प्रभावित बैजामऊ गांव में सफाई करते कर्मी। संवाद - फोटो : AKBARPUR
राजपुर (कानपुर देहात)। यमुना का जलस्तर लगातार घट रहा है। इससे बाढ़ ग्रस्त गांवों में लोग घरों की ओर लौटने लगे हैं। बाढ़ के पानी से चारों ओर सिल्ट, गंदगी व कीचड़ फैला है। इन्हीं दुश्वारियों के बीच ग्रामीण एक बार फिर से गृहस्थी जुटाने में लग गए हैं। लोगों को अब भोजन, पानी व मवेशियों के चारे की चिंता सता रही है।
विज्ञापन

बीते दिनों यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने से सिकंदरा तहसील क्षेत्र के जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बांगर, बैजामऊ बांगर, गौहानी बांगर, भुपैय्यापुर समेत 10 गांवों में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया था।
विज्ञापन

सोमवार से यमुना नदी का पानी घटने लगा। इससे गांवों से भी पानी निकलने लगा तो लोगों को घर व रास्ते दिखाई देने लगे। अब बाढ़ प्रभावित गांवों में सिल्ट, गंदगी व कीचड़ जमा है। बाढ़ की चपेट में आने से मृत पशुओं के शव आबादी में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनके सड़ने से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का सांस लेना दूभर है। हालांकि दुश्वारियों के बीच ही ग्रामीण बाढ़ चौकियों व ऊंचे स्थानों से घर की ओर लौटने लगे हैं।
बाढ़ चौकी में ठहरे जैसलपुर गांव के नरेंद्र सिंह, सोबरन सिंह, महदेवा गांव के कुलदीप सिंह, मुनीम निषाद, राजू निषाद ने बताया कि पानी में भूसा डूबने से बर्बाद हो गया है। इसे खाने से पशु बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। पशुपालन विभाग की टीम ने पशुओं के उपचार के लिए शिविर नहीं लगाया है।
जैसलपुर के प्रधान रामकेश कठेरिया ने बताया कि डुगडुगी बजवाकर लोगों को अभी घर नहीं जाने को कहा गया है। घरों में नमी खत्म होने में एक सप्ताह लगेगा। ऐसे में इस बीच कोई भी घर ढह सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण चेतावनी को दरकिनार कर घरों में लौट रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित गांव के नोडल अधिकारी तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने बताया कि गांव में साफ सफाई के साथ संक्रमण रोगों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।

गांवों में पानी उतरने से सभी रास्ते खुल गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बिजली विभाग के कर्मचारियों को क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने के लिए कहा गया है। जल्द ही प्रभावित गांवों की विद्युत आपूर्ति चालू करवाई जाएगी। - डॉ. पूनम गौतम, एसडीएम सिकंदरा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed