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कानपुर अग्निकांड: 'मैं किसके हाथों में बांधूंगी राखी...' बंजारा डेरा में सन्नाटे के बीच गूंजती रही सिसकियां
Tue, 14 Mar 2023 10:50 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर देहात
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर देहात
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 Mar 2023 10:50 AM IST
सार
कानपुर देहात के हारामऊ गांव के बंजारा डेरा में रहने वाले प्रकाश की झोपड़ी में शनिवार देर रात आग लग गई। झोपड़ी के अंदर सो रहे प्रकाश के बेटे सतीश, उसकी पत्नी काजल, बेटे शनि, संदीप व बेटी गुड़िया की जलकर मौत हो गई। परिजनों को बचाने में प्रकाश की पत्नी रेशमा झुलस गई थी, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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कानपुर देहात अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर देहात के रूरा के हारामऊ बंजारा डेरा गांव में झोपड़ी में लगी आग से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के दूसरे दिन सोमवार को भी बस्ती में सन्नाटे के बीच रह-रह कर सिसकियां उठती रहीं। जैसे ही कोई सांत्वना देने गांव पहुंचता परिजन फफक पड़ते।
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बिरादरी के लोग और रिश्तेदार उन्हें शांत कराने में जुटे रहे। इधर, बस्ती में पुलिस तैनात रही। जिले अधिकारी के अधिकारी मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। आसपास के गांव में ग्रामीण इस दर्दनाक घटना की दिन भर चर्चा करते नजर आए। हारामऊ गांव के बंजारा डेरा में रहने वाले प्रकाश की झोपड़ी में शनिवार देर रात आग लग गई थी। इससे झोपड़ी के अंदर सो रहे प्रकाश के बेटे सतीश, उसकी पत्नी काजल, बेटे शनि, संदीप व बेटी गुड़िया की जलकर मौत हो गई थी।
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परिजनों को बचाने में प्रकाश की पत्नी रेशमा झुलस गई थी, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने रेशमा की हालत पहले से बेहतर बताई है। इधर, सोमवार को प्रकाश के रिश्तेदार व आसपास के लोग घर पर जुटे रहे। परिवार के पांच लोगों को खोने का गम प्रकाश व उसके परिवार के लोगों के चेहरों में झलक रहा था।
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भगवान ने परिवार को ऐसा दर्द दिया है कि सब कुछ बर्बाद हो गया
रविवार रात पांच लोगों का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन पूरी रात रोते रहे। सोमवार को दिन में भी लोगों के बिलखने की आवाज आती रही। प्रकाश व उनके भाई विजय बहादुर ने रोते हुए कहा कि भगवान ने परिवार को ऐसा दर्द दिया है कि सब कुछ बर्बाद हो गया।
अभी तक उन लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि एकाएक ऐसा कैसे हो गया और पल भर में हंसता खेलते परिवार खत्म हो गया। दुखी परिजनों की हालत देख रिश्तेदार भी रोने लगते हैं। सतीश की बहन नीतू का भी रोकर बुरा हाल था।
अभी तक उन लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि एकाएक ऐसा कैसे हो गया और पल भर में हंसता खेलते परिवार खत्म हो गया। दुखी परिजनों की हालत देख रिश्तेदार भी रोने लगते हैं। सतीश की बहन नीतू का भी रोकर बुरा हाल था।
पुलिस और प्रशासनिक अफसर मातहतों से फोन कर गांव और पीड़ित परिवार के बारे में जानकारी लेते रहे। प्रकाश के घर के पास और बस्ती में पुलिस बल तैनात रहा। रूरा थानाध्यक्ष एके मिश्र भी बस्ती में पहुंचे और परिजनों का हालचाल जाना।
मदद के लिए बढ़े हाथ
बंजारा डेरा में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी के पति राजू सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रकाश और उनके परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद 11 हजार रुपये की सहायता दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह भी गांव पहुंचे और परिवार को 11 हजार की मदद की। दोनों ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने की मांग की है।
अब किसके हाथों में बांधूंगी राखी
घटना के बाद दुखी सतीश की बहन नीतू ने रोते हुए कहा कि भाई, भाभी दो भतीजे और भतीजी को आग ने लील लिया। अब मैं किसके हाथों में राखी बांधूंगी। मेरा बुऊआ किसके साथ खेलेगा। नीतू ने बताया कि उसकी ससुराल घाटमपुर के मोतीपुर गांव में है। शादी के 15 साल बीत गए। तीन साल बाद बच्चे नहीं होने पर ससुराल वालों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। तब वह पति अरविंद के साथ मायके हारामऊ गांव आ गई थी। तब से पिता प्रकाश भाई सतीश के पास रहती थी। अब भैया नहीं रहे, तो किसके राखी बांधेगी। नीतू ने बताया कि बेटे के पैदा होने से भतीजे शनि और संदीप बहुत खुश थे। कहते थे अब हम लोग इसके साथ खेला करेंगे, लेकिन आग ने सब कुछ छीन लिया।
प्रकाश के घर हुआ नौबार कार्यक्रम
परिजनों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अपने रीति रिवाज के अनुसार कार्यक्रम संपन्न कराए। प्रकाश ने दूसरे दिन सोमवार को नौबार संस्कार में परिजनों के साथ घर के बाहर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए जलदान किया। परिवार से जुड़े पुरुषों ने बाल मुंडवाए।
दूसरे सदस्य को मिलेगी काजल के आवास की किस्त
बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत काजल व रेशमा को लाभान्वित किया गया था। अब घटना में काजल की मौत हो गई है। इससे सर्वे के बाद परिवार में किसी अन्य सदस्य को उसके आवास की दूसरी किस्त दी जाएगी। अन्य सदस्य के नहीं मिलने पर दूसरी किस्त रोक दी जाएगी।
प्रशासन की तरफ से दिया गया अनाज
सतीश के पिता प्रकाश को प्रशासन की ओर से सोमवार को 25 किलो चावल व 25 किलो गेहूं दिया गया। इसके अलावा परिवार को अन्य कोई राशन सामग्री नहीं दी। प्रकाश ने प्रशासन से खाने के लिए अन्य राशन सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
नहीं हो सकी नीतू के बेटे की छठी
नीतू के बेटे की रविवार को छठी थी। इसलिए परिवार के लोग काफी खुश थे। लोगों की दावत बुलाई गई थी। शनिवार की रात ही रेशमा, नीतू और काजल ने मिलकर रसगुल्ले तैयार कर लिए थे। दावत की तैयारी भी पूरी कर ली थी। इसके बाद रात में पांच परिजनों की मौत होने से रविवार को नवजात की छठी का कार्यक्रम नहीं हुआ।