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कान्हा गोशाला में एक और गोवंशिय पशु की मौत
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अकबरपुर के कान्हा गोशाला में बीमार पड़ा गोवंश।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण अकबरपुर की कान्हा गोशाला में एक सप्ताह के अंदर पांचवें गोवंश की सोमवार को मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत गोवंश का पंचनामा भरा। वहीं, नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी देवहूती पांडेय ने गोशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए।
अकबरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के तिवारी पुरवा गांव स्थित कान्हा गोशाला अव्यवस्थाओं के चलते मवेशियों की कब्रगाह बनती जा रही है। हालत यह है कि 200 पशुओं की क्षमता वाले इस स्थल पर 209 गोवंश रखे गए हैं। पशुओं को चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा ही दिया जाता है। इसके चलते गोवंश कुपोषण का शिकार होकर बीमार हो रहे हैं। बुधवार को यहां पहले गोवंश की मौत हुई थी। शुक्रवार को दो व शनिवार को चौथे गोवंश की मौत हो गई थी। लगातार मौतों पर अकबरपुर ईओ ने मौके पर जाकर व्यवस्थाओं को ठीक कराने का दावा तो किया, लेकिन गोवंशों की मौतों का सिलसिला नहीं थमा। सोमवार की सुबह बीमार एक और मवेशी की मौत हो गई।
एक हफ्ते में पांच गोवंशों की मौत हो चुकी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद गोवंश का शव दफना दिया गया। पशु चिकित्सक डा. भगवान सिंह ने बताया कि गोवंश को निगेटिव एनर्जी बैलेंस (कमजोरी) से मौत हुई है। वहीं मौके पर पहुंची ईओ ने बीमार गोवंशों का समुचित इलाज व चारे-पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की हिदायत कर्मचारियों को दी।
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ईओ देवहूति अकबरपुर ने बताया कि बीमार गोवंश की मौत पर गोशाला जाकर व्यवस्थाओं को देखा गया है। हरे चारे में प्रयुक्त होने वाली बरसीम अभी नहीं मिल रही है। उपलब्धता होने पर गोवंशों को दी जाएगी।
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अकबरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के तिवारी पुरवा गांव स्थित कान्हा गोशाला अव्यवस्थाओं के चलते मवेशियों की कब्रगाह बनती जा रही है। हालत यह है कि 200 पशुओं की क्षमता वाले इस स्थल पर 209 गोवंश रखे गए हैं। पशुओं को चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा ही दिया जाता है। इसके चलते गोवंश कुपोषण का शिकार होकर बीमार हो रहे हैं। बुधवार को यहां पहले गोवंश की मौत हुई थी। शुक्रवार को दो व शनिवार को चौथे गोवंश की मौत हो गई थी। लगातार मौतों पर अकबरपुर ईओ ने मौके पर जाकर व्यवस्थाओं को ठीक कराने का दावा तो किया, लेकिन गोवंशों की मौतों का सिलसिला नहीं थमा। सोमवार की सुबह बीमार एक और मवेशी की मौत हो गई।
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एक हफ्ते में पांच गोवंशों की मौत हो चुकी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद गोवंश का शव दफना दिया गया। पशु चिकित्सक डा. भगवान सिंह ने बताया कि गोवंश को निगेटिव एनर्जी बैलेंस (कमजोरी) से मौत हुई है। वहीं मौके पर पहुंची ईओ ने बीमार गोवंशों का समुचित इलाज व चारे-पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की हिदायत कर्मचारियों को दी।
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ईओ देवहूति अकबरपुर ने बताया कि बीमार गोवंश की मौत पर गोशाला जाकर व्यवस्थाओं को देखा गया है। हरे चारे में प्रयुक्त होने वाली बरसीम अभी नहीं मिल रही है। उपलब्धता होने पर गोवंशों को दी जाएगी।