फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Dehat : Classmates waiting to meet their 'Ram' in Paraunkh, applied

कानपुर देहात : परौंख में सहपाठियों को अपने ‘राम’ से मिलने का इंतजार, किया आवेदन

Wed, 01 Jun 2022 01:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 01:57 AM IST
विज्ञापन
Kanpur Dehat : Classmates waiting to meet their 'Ram' in Paraunkh, applied
जसवंत सिंह ने राष्ट्रपति का कुछ इस तरह किया था स्वागत। (फाइल फोटो) - फोटो : AKBARPUR
डेरापुर। पैतृक गांव परौंख में तीन जून को राष्ट्रपति के आगमन को लेकर उनके सहपाठी व लोगों में उत्सुकता है। अपने ‘राम’ से मिलने के लिए गांव के लोगों ने आवेदन भी किया है। अब उन्हें प्रशासन से बुलावे का इंतजार है।
विज्ञापन

एक साल पूर्व परौंख आगमन पर राष्ट्रापति रामनाथ कोविंद ने प्राथमिक शिक्षा के सहपाठी रहे जसवंत सिंह से मिलकर हालचाल जाना था। जसवंत सिंह ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया था और बचपन की यादें भी ताजा की थीं।
विज्ञापन

अब फिर से राष्ट्रपति के परौंख आने की सूचना से साथियों में उत्सुकता है। जसवंत सिंह ने भावुक होकर बताया कि राष्ट्रपति ने जो स्नेह दिया वो आज भी स्मरणीय है। इस बार भी मिलने के लिए आवेदन किया है। बुलावे का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव के विजय पाल सिंह भदौरिया भी उनके बाल सखा है। कुछ माह पूर्व उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने परौंख आकर मिलने की बात भी कही थी। राष्ट्रपति के आगमन की जानकारी पर उन्होंने भी मिलने के लिए आवेदन किया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पिता के मित्र सौ वर्षीय मोती लाल गुप्ता भी उनके आगमन पर खुश हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार परौंख आगमन पर उन्हें पिता तुल्य सम्मान दिया था। अपने कोविंद से मिलने का उन्हें इंतजार है। वे बेटे समान रामनाथ कोविंद को दोबारा राष्ट्रपति बनने का आशीर्वाद देंगे।
शांती भाभी को भी कोविंद से मुलाकात की आस
परौंख निवासी दशरथ सिंह गौर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सहपाठी थे। वह उनसे एक माह उम्र में बड़े थे। इस पर रामनाथ कोविंद उन्हें दशरथ भैया कहते थे। वहीं, उनकी पत्नी शांती देवी गौर को राष्ट्रपति भाभी मानते हैं। शांती देवी गौर ने बताया कि जब भी राष्ट्रपति पथरीदेवी मंदिर या रहनिया चौक आते तो पति दशरथ सिंह से जरूर मिलते। वे अक्सर घर के दरवाजे पर खड़े होकर पूछते कि भाभी दशरथ भैया हैं या नहीं।

पति का पांच जनवरी 2017 को निधन हो गया। उस समय रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल थे। जानकारी पर उन्होंने पत्र भेजकर दुख प्रकट किया था। अब उनका तीन जून को गांव आगमन है। उनसे मिलने की इच्छा है। इसके चलते राष्ट्रपति सचिवालय की वेबसाइट के माध्यम से मिलने का अनुरोध किया है। यदि अनुरोध उन तक पहुंचा तो उन्हें विश्वास है कि वे गांव आगमन पर मिलने के लिए निश्चित समय देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed