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Kanpur Dehat : ब्रह्मधाम अखंड परमधाम आश्रम में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन
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कलश यात्रा में शामिल महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति व जयकारे लगाते भक्त। संवाद
- फोटो : PUKHRAYAN
मूसानगर। ब्रह्मधाम अखंड परमधाम आश्रम में रविवार को भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। पंडाल से पूजन के साथ निकली कलश यात्रा प्रमुख मार्ग व गजनेर रोड से होकर वापस आश्रम में समाप्त हुई।
यहां मंत्रोच्चारण कर आचार्य ने कलश स्थापना कराई। महा मंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने ‘सद्गुरु की परसादी आजादी मुकम्मल करा दी, सीधे राह बता दी सारी दुविधा दूर भगा दी...’ भजन सुनाकर प्रवचन की शुरूआत की।
कलश यात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्ष की गई, इसके साथ ही मार्ग पर स्थित सभी मंदिरों में पूजन किया गया। यात्रा के समापन पर आचार्य सुमित तिवारी ने मंत्रोच्चारण कर कलश स्थापना कराई।
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इसके बाद गणेश पूजन कर केंद्रीय राज्यमंत्री महा मंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रवचन में गुरु की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के कोई कार्य सफल नहीं होता है। इसलिए सभी को गुरु बनाना चाहिए।
जिससे वह मार्ग भटकने से बच सके। बताया कि गुरु महाराज अच्युतानंद शास्त्री के 30वें परिनिर्वाण दिवस पर भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन श्रीमद्भागवत कथा व शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। समापन पर छह नवंबर को आश्रम प्रांगण में सामूहिक विवाह का आयोजन होगा। इसमें 51 कन्याओं की शादी कराई जाएगी।
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यहां मंत्रोच्चारण कर आचार्य ने कलश स्थापना कराई। महा मंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने ‘सद्गुरु की परसादी आजादी मुकम्मल करा दी, सीधे राह बता दी सारी दुविधा दूर भगा दी...’ भजन सुनाकर प्रवचन की शुरूआत की।
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कलश यात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्ष की गई, इसके साथ ही मार्ग पर स्थित सभी मंदिरों में पूजन किया गया। यात्रा के समापन पर आचार्य सुमित तिवारी ने मंत्रोच्चारण कर कलश स्थापना कराई।
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इसके बाद गणेश पूजन कर केंद्रीय राज्यमंत्री महा मंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रवचन में गुरु की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के कोई कार्य सफल नहीं होता है। इसलिए सभी को गुरु बनाना चाहिए।
जिससे वह मार्ग भटकने से बच सके। बताया कि गुरु महाराज अच्युतानंद शास्त्री के 30वें परिनिर्वाण दिवस पर भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन श्रीमद्भागवत कथा व शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। समापन पर छह नवंबर को आश्रम प्रांगण में सामूहिक विवाह का आयोजन होगा। इसमें 51 कन्याओं की शादी कराई जाएगी।