Kanpur: 19 साल पहले बना दीप वाटिका अपार्टमेंट जर्जर घोषित, किसी के प्रवेश पर लगाई गई रोक
रतन लाल नगर में स्थित चार मंजिला दीप वाटिका अपार्टमेंट के बेसमेंट का एक पिलर शनिवार को धंसने लगा था और दूसरे में भी दरार आ गई थी। अपार्टमेंट ढहने की आशंका में पुलिस ने अपार्टमेंट के सभी लोगों को बाहर कर दिया था। मुख्य अभियंता ने बताया कि नगर निगम अभियंत्रण विभाग की टीम ने निरीक्षण कर अपार्टमेंट को जर्जर घोषित कर दिया है।
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कानपुर में नगर निगम ने 19 साल पहले बने दीप वाटिका अपार्टमेंट को रविवार को निरीक्षण करने के बाद जर्जर घोषित कर दिया। घंटों जांच-पड़ताल के बाद डीएम और नगर आयुक्त ने बिल्डिंग के बाहर चेतावनी बोर्ड और नोटिस चस्पा करा दी। अब अपार्टमेंट में किसी के प्रवेश पर भी रोक है। बिल्डर और अपार्टमेंट में रहने वालों को भी चेताया गया है।
आठ अगस्त को केडीए भी इस अपार्टमेंट की जांच शुरू करेगा। रतन लाल नगर में स्थित चार मंजिला दीप वाटिका अपार्टमेंट के बेसमेंट का एक पिलर शनिवार को धंसने लगा था और दूसरे में भी दरार आ गई थी। अपार्टमेंट ढहने की आशंका में पुलिस ने अपार्टमेंट के सभी लोगों को बाहर कर दिया था।
रविवार को नगर निगम के मुख्य अभियंता एसके सिंह जोन- 5 के अधिशासी अभियंता आरके सिंह, सहायक अभियंता कमलेश पटेल, अवर अभियंता राकेश कुमार सहित मौके पर पहुंचे। मुख्य अभियंता ने बताया कि नगर निगम अभियंत्रण विभाग की टीम ने निरीक्षण कर अपार्टमेंट को जर्जर घोषित कर दिया है। दीप वाटिका अपार्टमेंट (प्लाट नंबर - 84) के जर्जर एवं गिराऊ होने के संबंध में नोटिस जारी की है।
इंजीनियरों की जांच में पता चला कि दीप वाटिका अपार्टमेंट के फाउंडेशन के नीचे की मिट्टी की बियरिंग कैपिसिटी तथा स्ट्रक्चरल डिजाइन ठीक न होने के कारण बिल्डिंग का पिलर क्रैक होने के बाद नीचे धंस रहा है। बिल्डिंग झुक गई है। बरसात में बिल्डिंग किसी भी वक्त गिर सकती है। अधिकारियों ने जान-माल की सुरक्षा के लिए उचित घेराबंदी और तत्काल मकान को खाली करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने घोषणा की ‘किसी तरह का नुकसान या दुर्घटना होने पर नगर निगम की ओर से कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी’।
इनको भी जारी हुआ नोटिस
सहायक अभियंता की तरफ से वार्ड 34 के अंतर्गत रतन लाल नगर के प्लॉट नंबर-83 के मुकेश आहूजा और प्लॉट नंबर-85 के अभिषेक सिंह चौहान को नोटिस जारी किया गया है। घर की दीवारों पर भी नोटिस चस्पा की गई।
भवन का नक्शा पास होने या न होने से भवन गिरने का कोई संबंध नहीं है। निजी भवन की गुणवत्ता जांच का अधिकार केडीए को नहीं है। आमजन के लिए गुणवत्ता जांचने का तरीका है कि भवन केडीए का हो या फिर रेरा में पंजीकृत हो। भवन खराब गुणवत्ता के कारण गिरता है तो क्रेता, विक्रेता के खिलाफ डैमेज का सिविल सूट दायर कर सकता है।- सत शुक्ला, विशेष कार्याधिकारी, प्रभारी जोन-3, केडीए
बिल्डर ने शुरू कराया काम, अधिकारियों ने रुकवाया
पिलर धंसने की सूचना पर पहुंचे बिल्डर प्रेमचंद पाखरानी ने फ्लैट मालिकों को भवन को नए पिलर से सपोर्ट देकर उनका सामान निकलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने काम शुरू भी करवा दिया। यह देख लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। तभी नगर निगम की पहुंची टीम ने भवन को जर्जर घोषित करते हुए किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी, जिसके बाद बिल्डर को काम बीच में ही रुकवाना पड़ा। यह देख फ्लैट के मालिक फिर से मायूस हो गए।
लोड के कारण अन्य पिलरों में भी आई दरारें
बिल्डिंग दाईं तरफ झुकने से अन्य पिलरों में भी दरारें पड़ गई हैं। अगल-बगल बनी दीवारों में भी दरार आने लगी है। जो पिलर सही हैं, उनमें भी प्लास्टर झड़ने लगा है और अंदर की सरिया दिख रही है। इलाकाई भी दहशत में हैं।