फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: death of four students shocked everyone

Kanpur: चार छात्रों की मौत ने सभी को झकझोर दिया, दो घरों के बुझ गए इकलौते चिराग, गांव में चीख और चीत्कार

Sat, 29 Apr 2023 11:36 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 29 Apr 2023 11:36 PM IST
सार

Kanpur News: नर्वल तहसील में बने अमृत तालाब में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। एक ही गांव के चार छात्रों की मौत ने सभी को झकझोर दिया। हादसे के बाद गांव में चूल्हे नहीं जले।

विज्ञापन
Kanpur: death of four students shocked everyone
मौके पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के नर्वल मुख्यालय में स्थित तालाब में डूबने से एक ही गांव के चार छात्रों की मौत ने सभी को झकझोर दिया। इनमें से दो छात्र अपने घर के इकलौते चिराग थे। छात्रों की मौत के बाद गांव में चारों तरफ चीख और चीत्कार मचा रहा। मृतकों के घर में दुखी परिजनों को ढांढस बंधाने आने वालों का तांता रहा। वहीं, गमगीन माहौल के बीच शाम को लोगों के घरों के चूल्हे तक नहीं जले।

विज्ञापन


सेमरझाल ग्राम प्रधान तेजनारायण सविता का भतीजा अभय दो बहनों में इकलौता भाई था। भाई की मौत से दोनों बहनों व मां सोनी का रो-रोककर बुरा हाल रहा। दुखी परिजनों को ढांढस बंधाने आने वाले लोगों से परिजन लिपटकर रोते हुए बोले उनसे ऐसी कौन सी गलती हुई थी कि भगवान ने उनके घर का इकलौता चिराग ही बुझा दिया...। परिजनों की बातों को सुनकर ग्रामीणों की आंखें भी नम रहीं।

विज्ञापन

रोई हर आंख
दिव्यांश भी दो भाई बहन में बड़ा था। उसकी मौत होने से बहन व मां सुषमा बदहवास हाे गए। बहन मां से लिपट कर रोती रही। उनकी हालत देखकर महिलाओं की आंखों के आंसू भी नहीं रुक रहे थे। देर रात तक गांव के चारों घरों में मातम पसरा रहा। दुख का आलम यह था कि गांव में किसी घर में खाना तक नहीं बना। लोग दुखी परिजनों को समझाते रहे। सक्षम दो भाइयों में बड़ा था। मां सरोज देवी के रोते-रोते आंखों के आंसू सूख गए। लोगों से पूछती रहीं उनका बेटा कब आएगा...। वहीं, कृष्णा तीन भाई और चार बहनों में सबसे छोटा था। पिता उमेश चंद्र बिजनौर रोडवेज में संविदा पर कंडक्टर हैं। मां सुदामा का छोटे बेटे से अधिक लगाव होने के कारण बदहवास रहीं। गांव की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। वहीं, डीएम ने मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलवाने के लिए एसडीएम नर्वल गुलाब चंद्र को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

हादसे के वक्त दोनों भाई थे एक साथ
हादसे के वक्त सक्षम का छोटा भाई कक्षा सात का छात्र सत्यम भी उसके साथ मौजूद था। ग्रामीणों के अनुसार तालाब की गहराई करीब छह से सात फीट तक है। समक्ष, कृष्णा, अभय व दिव्यांश चारों तालाब किनारे स्थित खंभों से तालाब में कूद-कूदकर नहा रहे थे। अंतिम बार में चारों ने तालाब में जिस जगह छलांग लगाई वहां गहराई सात फीट से अधिक बताई गई। धरातल की मिट्टी भी दलदली होने के कारण चारों डूबने लगे। यह देखकर तालाब में पहले से नहा रहे बच्चों को लगा कि चोरों खेल रहे हैं, लेकिन काफी देर तक उनके तालाब से बाहर न निकलने पर सभी भयभीत हो गए। यह देख सक्षम का छोटा भाई सत्यम को भी गहरा सदमा लगा और वह वहीं बैठकर रोने लगा। करीब 10 मिनट बाद उसने रोते हुए आसपास के लोगों से मदद मांगी, तब हादसे का पता चला। पुलिस व आसपास के कुछ लोगों ने तालाब में छलांग लगाकर छात्रों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
विज्ञापन

तालाब में अक्सर लगी रहती है बच्चों की भीड़
तहसील परिसर में स्थित तालाब में नहाने के लिए अक्सर बच्चों की भीड़ जमा रहती है। परिसर में मौजूद तहसील कर्मियों और अधिवक्ताओं ने बताया कि बच्चों को कई बार तालाब से भगा भी दिया जाता था। इसके बाद भी बच्चे छिपकर तालाब में नहाने पहुंच जाते थे। तालाब करीब एक माह पूर्व ही बनकर तैयार हुआ है, जिसमें बरसात होने से काफी पानी जमा हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed