फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Positive news

खास खबर : इनके लिए तो सेवा ही मेवा, शव वाहन चलाने वाले हिमांशु व दिलशाद परिजनों से नहीं लेते एक भी रुपये

Thu, 13 May 2021 03:32 PM IST
शिखा पांडेय अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 13 May 2021 03:32 PM IST
सार

कोरोना संक्रमित परिवार पहले से ही अपना सब कुछ खो बैठते हैं। ऐसे में उनकी मजबूरी का फायदा उठाना गलत है।

विज्ञापन
kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Positive news
हिमांशु और दिलशाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी में हर तरफ लूट मची है। शव को कंधा देने तक के लिए रुपये वसूले जा रहे हैं, ऐसे में शव वाहन चलाने वाले हिमांशु और दिलशाद कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ सेवा कार्य में लगे हैं। दोनों अपने मासिक वेतन से ही खुश हैं और किसी भी परिजन से एक रुपये भी अतिरिक्त नहीं लेते।
विज्ञापन


दोनों का मानना है कि इस आपदा में जरूरतमंदों की सेवा ही मेवा है। हिमांशु भगवान परशुराम महासभा की ओर से संचालित शव वाहन चलाते हैं। 22 अप्रैल से मई के दूसरे सप्ताह तक हर दिन दो से चार शवों को भैरोघाट, सिद्घनाथ घाट, बिठूर स्वर्गाश्रम, ड्योटी घाट और गंगाघाट शुक्लागंज पहुंचाया।
विज्ञापन


बर्रा-विश्वबैंक में रहने वाले हिमांशु को हर महीने 10 हजार सैलरी मिलती है। पिछले दो साल से शव वाहन चला रहे हैं। कहते हैं कोरोना संक्रमित परिवार पहले से ही अपना सब कुछ खो बैठते हैं। ऐसे में उनकी मजबूरी का फायदा उठाना गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महासभा के अध्यक्ष भूपेश अवस्थी और कोषाध्यक्ष श्याम नारायण शुक्ला ने बताया कि हिमांशु को जब भी लोग रुपये देते हैं, वह बड़े ही आदर भाव से मना कर देता है। इसी तरह कानपुर ग्रामीण उद्योग व्यापार मंडल की ओर से संचालित शव वाहन दिलशाद सिद्दीकी चलाते हैं।


किसी भी घाट पर जाने के लिए 1400 रुपये फिक्स हैं। इसी में डीजल, मेंटेनेंस और एक चक्कर के पांच सौ रुपये होते हैं। कल्याणपुर के साहब नगर में रहने वाले दिलशाद का कहना है कि दुख, मुसीबत किसी पर भी आ सकती है। इसका यह मतलब नही है कि उसका फायदा उठाया जाए। इस तरह के रुपये बहुत दिन नहीं चलते हैं और खुश भी नहीं रह सकते हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप पांडेय का कहना है कि दिलशाद जो लोगों की मदद कर रहे हैं, वह अनमोल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed