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कानपुर: चुनाव प्रशिक्षण में कोरोना की चपेट में आए शिक्षक की मौत, पत्नी बीमार, फिर भी नहीं कटी थी चुनाव से ड्यूटी
Wed, 05 May 2021 11:55 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 05 May 2021 11:55 AM IST
सार
पत्नी महिमा ने बताया कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी के कारण वे 11 अप्रैल को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। तभी कोरोना की चपेट में आ गए। सरकारी अस्पतालों से इलाज नहीं मिला तो सिविल लाइंस स्थित एक अस्पताल में इलाज शुरू कराया।
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नीरज गुप्ता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में कल्याणपुर सत्यम विहार निवासी नीरज गुप्ता की शुक्रवार को कोरोना से मौत हो गई। वे बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल में बहराइच में सहायक अध्यापक थे। पत्नी महिमा ने बताया कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी के कारण वे 11 अप्रैल को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
तभी कोरोना की चपेट में आ गए। सरकारी अस्पतालों से इलाज नहीं मिला तो सिविल लाइंस स्थित एक अस्पताल में इलाज शुरू कराया। सीटी स्कैन में 80 प्रतिशत फेफड़ों में संक्रमण निकला। 30 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी बीमार, फिर भी नहीं कटी थी चुनाव से ड्यूटी
परिजनों ने बताया कि 25 मार्च को पत्नी महिमा का ऑपरेशन हुआ था और पांच महीने के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। पत्नी के इलाज के संबंध में चुनाव वाले दिन उनका पीजीआई में अपाइंमेंट भी था। इस वजह से चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए नौ अप्रैल को सीडीओ कार्यालय में आवेदन भी किया था। इसके बाद भी उनका नाम ड्यूटी से नहीं हटा था।
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तभी कोरोना की चपेट में आ गए। सरकारी अस्पतालों से इलाज नहीं मिला तो सिविल लाइंस स्थित एक अस्पताल में इलाज शुरू कराया। सीटी स्कैन में 80 प्रतिशत फेफड़ों में संक्रमण निकला। 30 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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पत्नी बीमार, फिर भी नहीं कटी थी चुनाव से ड्यूटी
परिजनों ने बताया कि 25 मार्च को पत्नी महिमा का ऑपरेशन हुआ था और पांच महीने के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। पत्नी के इलाज के संबंध में चुनाव वाले दिन उनका पीजीआई में अपाइंमेंट भी था। इस वजह से चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए नौ अप्रैल को सीडीओ कार्यालय में आवेदन भी किया था। इसके बाद भी उनका नाम ड्यूटी से नहीं हटा था।
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