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कानपुर में बढ़ा मौतों का ग्राफ: अप्रैल में बने 1953 मृत्यु प्रमाणपत्र, मई के 17 दिन में ही 1598
Wed, 19 May 2021 03:35 PM IST
शिखा पांडेय
दिव्यांश सिंह, संवाद
दिव्यांश सिंह, संवाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 19 May 2021 03:35 PM IST
सार
कानपुर में एक जनवरी से अब तक करीब साढ़े चार महीने में 9175 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। वहीं नगर निगम के आंकड़ों में इस साल कोरोना से अब तक केवल 801 मौतें ही हुई हैं।
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नगर निगम के जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के बाहर खड़े आवेदक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना काल में मौत ने भी जमकर तांडव मचाया। एक जनवरी से 17 मई तक करीब साढ़े चार महीने में 9175 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए। वहीं अप्रैल के महीने में जब कोरोना से मौतों का आंकड़ा एक दिन में 30 के भी ऊपर पहुंच गया था, तब इस महीने में 1953 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए।
मई में मौतों का ग्राफ सिमटकर औसतन 15 पर आ गया है, तब भी 17 दिन में 1598 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। मरने वालों में कोविड के साथ नॉनकोविड मरीज भी हैं। कई की तो स्थिति ही नहीं स्पष्ट है। क्योंकि जांच में निगेटिव आए लेकिन कोरोना जैसे लक्षण लिए दुनिया छोड़ गए। वहीं नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इस साल अभी तक कोरोना से 801 मौतें हुई हैं।
मौतों ने बना दिया रिकॉर्ड
कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही मौतों का ग्राफ भी बढ़ गया है। कानपुर नगर निगम के जन्म मृत्यु कार्यालय में कार्यरत लिपिक और कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 1930 में नगर निगम की स्थापना से आज तक साढ़े चार महीने में इतने ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र कभी नहीं जारी हुए। बताते हैं कि प्रतिदिन 100 से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं।
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जनवरी में हुई सबसे ज्यादा मौतें
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार तीन सालों में सबसे ज्यादा मौतें जनवरी के महीने में हुई हैं। सबसे ज्यादा 2020 में 2247 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए। जानकारों का मानना है कि दिसंबर और जनवरी में ठंड ज्यादा पड़ती है। इस वजह से मौतें ज्यादा होती है।
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मई में मौतों का ग्राफ सिमटकर औसतन 15 पर आ गया है, तब भी 17 दिन में 1598 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। मरने वालों में कोविड के साथ नॉनकोविड मरीज भी हैं। कई की तो स्थिति ही नहीं स्पष्ट है। क्योंकि जांच में निगेटिव आए लेकिन कोरोना जैसे लक्षण लिए दुनिया छोड़ गए। वहीं नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इस साल अभी तक कोरोना से 801 मौतें हुई हैं।
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मौतों ने बना दिया रिकॉर्ड
कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही मौतों का ग्राफ भी बढ़ गया है। कानपुर नगर निगम के जन्म मृत्यु कार्यालय में कार्यरत लिपिक और कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 1930 में नगर निगम की स्थापना से आज तक साढ़े चार महीने में इतने ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र कभी नहीं जारी हुए। बताते हैं कि प्रतिदिन 100 से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं।
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जनवरी में हुई सबसे ज्यादा मौतें
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार तीन सालों में सबसे ज्यादा मौतें जनवरी के महीने में हुई हैं। सबसे ज्यादा 2020 में 2247 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए। जानकारों का मानना है कि दिसंबर और जनवरी में ठंड ज्यादा पड़ती है। इस वजह से मौतें ज्यादा होती है।
बीते तीन सालों का आंकड़ा
महीना 2021 2020 2019
जनवरी 2018 2247 1833
फरवरी 1857 1509 1802
मार्च 1749 1155 1221
अप्रैल 1953 458 1527
मई 1598 (17 मई तक) 1443 1499
कुल 9175 6812 7882
महीना 2021 2020 2019
जनवरी 2018 2247 1833
फरवरी 1857 1509 1802
मार्च 1749 1155 1221
अप्रैल 1953 458 1527
मई 1598 (17 मई तक) 1443 1499
कुल 9175 6812 7882
रोजाना करीब 100 आवेदन मृत्यु प्रमाणपत्र के आ रहे हैं। आवेदकों की भीड़ को देखते हुए दस्तावेज पूरे होने पर 24 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। ऐसे आवेदक जिनके पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं हैं, उनकी भौतिक रूप से जांच कराने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। - डॉ. अजय संखवार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी