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कानपुर: कोरोना संक्रमित जिला जज इलाज को भटके, सीएमओ भी खोजते रहे डॉक्टर, अस्पताल पर एफआईआर
Wed, 21 Apr 2021 08:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 21 Apr 2021 08:12 PM IST
सार
नारायणा अस्पताल में बुधवार को इलाज कराने पहुंचे जिला जज को इलाज ही नहीं मिला। वे कोरोना संक्रमित हैं। यहां न तो उन्हें किसी डॉक्टर ने अटेंड किया न ही किसी मेडिकल स्टाफ ने। सीएमओ ने अस्पताल के मालिक, डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है
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नारायणा अस्पताल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर के नारायणा अस्पताल में बुधवार को इलाज कराने पहुंचे जिला जज को इलाज ही नहीं मिला। वे कोरोना संक्रमित हैं। यहां न तो उन्हें किसी डॉक्टर ने अटेंड किया न ही किसी मेडिकल स्टाफ ने। उनके साथ आए सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) भी डॉक्टर को अस्पताल में खोजते रहे लेकिन कोई नहीं मिला। अस्पताल की अव्यवस्था देख सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा ने पनकी थाने में अस्पताल के मालिक, डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
सीएमओ के मुताबिक वो जिला जज व सीएमएम के साथ बुधवार सुबह 11 बजे पनकी स्थित नारायणा कोविड अस्पताल पहुंचे। पहले फ्लोर पर न ही कोई अटेंडेंट मिला न ही कोई डॉक्टर तो वे सभी लिफ्ट से ऊपर की मंजिल पर जाने लगे। लिफ्ट ही काफी देर तक फंसी रही। ऊपर पहुंचे तो यहां न तो कोई डॉक्टर था न ही कोई मेडिकल स्टाफ।
बस मरीजों के तीमारदार इधर-उधर भटक रहे थे। सीएमओ को देख वहां कई तीमारदार आए और अस्पताल में अव्यवस्थाओं की सच्चाई बताने लगे। उन्होंने बताया कि यहां मरीजों को देखने डॉक्टर ही नहीं आते हैं। नर्स और कंपाउंडर के भरोसे इलाज चल रहा है। न्यायाधीश को भी यहां उपचार नहीं मिला।
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सीएमओ के मुताबिक वो जिला जज व सीएमएम के साथ बुधवार सुबह 11 बजे पनकी स्थित नारायणा कोविड अस्पताल पहुंचे। पहले फ्लोर पर न ही कोई अटेंडेंट मिला न ही कोई डॉक्टर तो वे सभी लिफ्ट से ऊपर की मंजिल पर जाने लगे। लिफ्ट ही काफी देर तक फंसी रही। ऊपर पहुंचे तो यहां न तो कोई डॉक्टर था न ही कोई मेडिकल स्टाफ।
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बस मरीजों के तीमारदार इधर-उधर भटक रहे थे। सीएमओ को देख वहां कई तीमारदार आए और अस्पताल में अव्यवस्थाओं की सच्चाई बताने लगे। उन्होंने बताया कि यहां मरीजों को देखने डॉक्टर ही नहीं आते हैं। नर्स और कंपाउंडर के भरोसे इलाज चल रहा है। न्यायाधीश को भी यहां उपचार नहीं मिला।
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अपने सामने अस्पताल की अव्यवस्था देख सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा ने पनकी पुलिस को मौके पर बुलाया। खुद तहरीर दी। डीसीपी पश्चिम संजीव त्यागी ने बताया कि मामले में अस्पताल के मालिक अमित नारायण व अस्पताल के ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व अन्य स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल मालिक बोले मुझे जेल भेज दो
सीएमओ ने तहरीर में बताया कि जब उन्होंने अस्पताल के मालिक अमित नारायण को फोन किया। अव्यवस्थाओं के बारे में पूछा तो अमित ने कहा कि मेरा अस्पताल सील करवा दिया जाए और मुझे जेल भिजवा दीजिए। सीएमओ का कहना है कि अस्पताल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं नहीं हैं।
इन आरोपों पर दर्ज हुई एफआईआर
महिला व युवतियों के इलाज में लापरवाही (166बी), सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने(धारा 188), लापरवाही बरतना जिससे जीवन संकट में पड़ जाए (धारा 269 व 470), धमकाने और महामारी अध्यादेश के तहत केस दर्ज किया गया है।
अस्पताल मालिक बोले मुझे जेल भेज दो
सीएमओ ने तहरीर में बताया कि जब उन्होंने अस्पताल के मालिक अमित नारायण को फोन किया। अव्यवस्थाओं के बारे में पूछा तो अमित ने कहा कि मेरा अस्पताल सील करवा दिया जाए और मुझे जेल भिजवा दीजिए। सीएमओ का कहना है कि अस्पताल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं नहीं हैं।
इन आरोपों पर दर्ज हुई एफआईआर
महिला व युवतियों के इलाज में लापरवाही (166बी), सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने(धारा 188), लापरवाही बरतना जिससे जीवन संकट में पड़ जाए (धारा 269 व 470), धमकाने और महामारी अध्यादेश के तहत केस दर्ज किया गया है।