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कानपुर: उद्योग जगत पर कोरोना की मार, 25 फीसदी तक गिरा उत्पादन 

Fri, 14 Jan 2022 10:11 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 14 Jan 2022 10:11 AM IST
सार

कोरोना की तीसरी लहर का असर उद्योगों पर दिखने लगा है। खाने-पीने, दवाइयों से जुड़ीं इकाइयों में किसी तरह का असर नहीं है लेकिन फुटवियर, इंजीनियर, मशीनरी की इकाइयों में उत्पादन तेजी से कम हुआ है। चमड़ा उद्योग पर भी भारी प्रभाव पड़ा है।

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Kanpur: Corona hit the industry, production dropped by 25 percent
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में कोरोना के बढ़ते मामलों का असर औद्योगिक इकाइयों पर पड़ने लगा है। मांग में कमी आने से उत्पादन में 25 फीसदी की गिरावट आ गई है। फुटवियर, मशीनरी और इंजीनियरिंग आदि इकाइयों में इसका असर ज्यादा है।हालांकि सरकार की ओर से उद्योगों में श्रमिकों की संख्या कटौती संबंधी कोई आदेश नहीं आया है। प्रतिष्ठानों में कोविड हेल्प डेस्क गठित करने के निर्देश जरूर दिए गए हैं।
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कोरोना की दूसरी लहर के प्रभाव से शहर के उद्योग तेजी से उबर रहे थे। अक्तूबर-नवंबर में उत्पादन टॉप पर चल रहा था। कोरोना के मामले शून्य होने के बाद इकाइयों में तेजी से काम हो रहा था। हर क्षेत्र में मांग दिख रही थी लेकिन अब फिर से स्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
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शहर की इकाइयों में बना माल पंजाब, दिल्ली, मुंबई, राजस्थान आदि जगहों पर जाता है। इन जगहों पर कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव होने से पाबंदियां भी ज्यादा हैं। इसके चलते मांग में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।
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खाने-पीने, दवाइयों से जुड़ीं इकाइयों में किसी तरह का असर नहीं है लेकिन फुटवियर, इंजीनियर, मशीनरी की इकाइयों में उत्पादन तेजी से कम हुआ है। चमड़ा उद्योग पर भी असर है।

मकर संक्रांति पर्व व गंगा स्नान के चलते टेनरियां बंद चल रही हैं। इसका असर भी उत्पादन पर पड़ रहा है। टेनरी बंदी के चलते विदेशी खरीदार आर्डर कैंसल कर रहे हैं। कोरोना के चलते विदेशों में भी पाबंदी बढ़ गई है। इससे चमड़ा उद्योग पर और मार पड़ी है।

शहर में कोरोना के मामले शून्य होने के बाद स्कूल खुल गए थे। फुटवियर का काम तेजी पकड़ने लगा था। लेकिन फिर से कोरोना के मामले बढ़े तो स्कूल बंद हो गए हैं। इस क्षेत्र में तो व्यापक असर पड़ा है। उत्पादन 50 फीसदी से ज्यादा कम हो गया है। इकाइयों में अभी कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश हैं।
आलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, आईआईए

कोरोना की लहर का असर उद्योगों पर दिखने लगा है। चुनाव भी हैं। इसके चलते मांग कम होने से उत्पादन कम होने लगा है। फुटवियर, इंजीनियरिंग और मशीनरी इकाइयों का उत्पादन 25 फीसदी प्रभावित हुआ है। कैश के संबंध में जारी निर्देश का उद्योगों पर असर नहीं है। इस क्षेत्र के ज्यादातर लेनदेन बैंकों के जरिये होते हैं।

सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए

चमड़ा उद्योग की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। प्रदूषण के नाम पर टेनरियां बंद कर दी जाती हैं। विदेशी बॉयर को अपने आर्डर से मतलब होता है, उसे बंदी से कोई लेना-देना नहीं होता है। कोरोना ने चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। मामले बढ़ने के साथ ही उत्पादन में तेजी से कमी आने लगी है।
जफर फिरोज, चमड़ा कारोबारी
 
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