कानपुर धर्मांतरण मामला: विदेश से खातों में आता था पैसा, NIA और STF भी करेगी मदद, पुलिस टीम जाएगी कोलकाता
कोलकाता की मिशनरियों से धर्मांतरण के लिए पैसा आता था। विदेश से मिशनरी के खातों में पैसा आता था और फिर शहर में सक्रिय लोगों के खातों में भेजा जाता था। मामले की जांच के लिए गंगा मेला के बाद पुलिस की टीम कोलकाता जाएगी।
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कानपुर में चकेरी के चाणक्यपुरी स्थित फ्लैट में चल रहे धर्मांतरण के खेल में विदेशी फंडिंग की बात सामने आई है। पैसा पहले कोलकाता की मिशनरियों के खातों में भेजा जाता था। इसके बाद फ्लैट से गिरफ्तार किए गए अभिजीत और रजत के खातों में ट्रांसफर होता था।
सूत्रों की मानें, तो कोलकाता की मिशनरी के सात खातों की जांच की गई। इसमें तीन खातों में विदेशी फंडिंग की बात सामने आई है। किस देश से कितनी फंडिंग की गई है, इसकी जानकारी पुलिस को हो गई है। पूरे मामले में गैंगस्टर के लिए गैंग चार्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक टीम कोलकाता के लिए रवाना होगी।
एनआईए और एसटीएफ की ली जा रही मदद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विदेशी मुद्रा से मदद का मामला सामने आया है। लिहाजा एनआईए और एसटीएफ की टीम से जांच में मदद ली जा रही है। वहीं घाटमपुर के मामले में सुरक्षा एजेंसियों से मदद लेने की बात भी सामने आई हैं।
लोगों ने बदल लिया सरनेम
फतेहपुर और प्रयागराज में धर्मांतरण की जांच कर रही टीम को घाटमपुर और चाणक्यपुरी वाले मामले की जांच सौंपी गई है। चकेरी और जाजमऊ इलाके में खुफिया भी नई बनी चर्च की जानकारी कर रही है। साथ ही उन लोगों की तलाश की जा रही है, जिन लोगों ने धर्मांतरण कर अपने नाम के आगे ‘सरनेम’ बदल दिया है।
इस तरह से दर्ज कराए बयान
मामले में जांच कर रहे पुलिस कर्मियों की मानें, तो धर्मांतरण करने वालों में ज्यादातर गरीब या समाज के सताए लोग हैं। किसी को परमेश्वर की पूजा से बच्चे की जान बचाने और किसी को जीवन यापन के लिए रुपये का इंतजाम कराने के नाम पर धर्मांतरण कराया गया। वहीं नौकरी देने के नाम पर भी धर्मांतरण की बात सामने आई है।
पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। कुछ तथ्य सामने आए हैं। फंडिंग के संबंध में विशेष जानकारी मिली है। जिसकी जांच की जा रही है। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर