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Kanpur: जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक से 80 हजार की साइबर ठगी, सीआरपीएफ का जवान बताकर दिया झांसा
Sun, 01 Jun 2025 10:13 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 01 Jun 2025 10:13 PM IST
सार
Kanpur News: जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक से 80 हजार की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने मैसेज भेज खुद को सीआरपीएफ का जवान बताकर झांसा दिया। पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर ठगों ने सीआरपीएफ जवान बनकर जिलाधिकारी कार्यालय के लिपिक से संपर्क कर खुद के ट्रांसफर होने की बात कही। झांसे में लेकर सस्ते दाम में फर्नीचर बेचने की बात कहकर 80 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के बाद चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
श्यामनगर निवासी जितेंद्र कुमार मिश्रा जिलाधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई की शाम को उनके फेसबुक मैसेंजर में सीतापुर जिलाधिकारी की आईडी से मैसेज आया। इसमें उनका हालचाल पूछा। इसके बाद मैसेज आया कि उनका एक मित्र सीआरपीएफ जवान है, जो बिजनौर में तैनात है। उनका ट्रांसफर हो गया है। इसलिए वह अपना फर्नीचर समेत घर का सामान सस्ते में बेच रहे हैं, जिसे खरीदने की बात कही।
जितेन्द्र ठगों के झांसे में आ गए। इधर, कुछ देर बाद ही उनके पास अनजान नंबर से फोन आया जिसने खुद को सीआरपीएफ का जवान सुनील कुमार बताकर सामान की बिक्री के बारे में बात की और एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 80 हजार रुपये कट गए। इसके बाद भी ठगों ने 41 हजार रुपये की मांंग की। शक होने पर उन्होंने जिलाधिकारी सीतापुर अभिषेक आनंद को सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरी घटना बताई। तब उनके ओएसडी ने कोई भी मैसेज न करने की जानकारी दी। चकेरी कार्यवाहक थाना प्रभारी कुलदीप सिंह सेंगर ने बताया कि लिपिक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल मदद से मामले में मदद ली जा रही है।
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श्यामनगर निवासी जितेंद्र कुमार मिश्रा जिलाधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई की शाम को उनके फेसबुक मैसेंजर में सीतापुर जिलाधिकारी की आईडी से मैसेज आया। इसमें उनका हालचाल पूछा। इसके बाद मैसेज आया कि उनका एक मित्र सीआरपीएफ जवान है, जो बिजनौर में तैनात है। उनका ट्रांसफर हो गया है। इसलिए वह अपना फर्नीचर समेत घर का सामान सस्ते में बेच रहे हैं, जिसे खरीदने की बात कही।
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जितेन्द्र ठगों के झांसे में आ गए। इधर, कुछ देर बाद ही उनके पास अनजान नंबर से फोन आया जिसने खुद को सीआरपीएफ का जवान सुनील कुमार बताकर सामान की बिक्री के बारे में बात की और एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 80 हजार रुपये कट गए। इसके बाद भी ठगों ने 41 हजार रुपये की मांंग की। शक होने पर उन्होंने जिलाधिकारी सीतापुर अभिषेक आनंद को सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरी घटना बताई। तब उनके ओएसडी ने कोई भी मैसेज न करने की जानकारी दी। चकेरी कार्यवाहक थाना प्रभारी कुलदीप सिंह सेंगर ने बताया कि लिपिक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल मदद से मामले में मदद ली जा रही है।
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