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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहर पूरे कानपुर को मिलेगा फ्री वाईफाई, ये सुविधाएं भी मिलेंगी
Sun, 23 Jun 2019 11:47 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 Jun 2019 11:47 AM IST
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एचबीटीयू के विशेषज्ञ करेंगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी में आम लोगों को काफी कुछ सहूलियत मिलने वाली हैं। इसके तहत पूरे कानपुर में फ्री वाईफाई के सिस्टम लगाए जाएंगे। शहर के भीड़भाड़ वाले 44 स्थानों पर स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इन सब कामों को करने की जिम्मेदारी टेक महिंद्रा कंपनी को दी गई है। टेक महिंद्रा के कामकाज की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के विशेषज्ञों को दी गई है।
शनिवार को इसके लिए कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार बिंद और एचबीटीयू के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला ने समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किया। समझौते के तहत प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सिटी मॉनीटरिंग सिस्टम के गठन पर भी सहमति बनी है।
एचबीटीयू के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए 75 चौराहों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया जाएगा। इसके अलावा शहर के 149 जगहों पर अत्याधुनिक पीटीजेड सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। ये कैमरे मूविंग होंगे और नाइट विजन की टेक्नोलॉजी से युक्त होंगे। इसके अलावा 500 जगहों पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरे होंगे। अमित कुमार बिंद ने बताया कि कानपुर को स्मार्ट करने का काम छह चरणों में होगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत 255 करोड़ रुपये है।
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शनिवार को इसके लिए कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार बिंद और एचबीटीयू के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला ने समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किया। समझौते के तहत प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सिटी मॉनीटरिंग सिस्टम के गठन पर भी सहमति बनी है।
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एचबीटीयू के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए 75 चौराहों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया जाएगा। इसके अलावा शहर के 149 जगहों पर अत्याधुनिक पीटीजेड सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। ये कैमरे मूविंग होंगे और नाइट विजन की टेक्नोलॉजी से युक्त होंगे। इसके अलावा 500 जगहों पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरे होंगे। अमित कुमार बिंद ने बताया कि कानपुर को स्मार्ट करने का काम छह चरणों में होगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत 255 करोड़ रुपये है।
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ये प्रोफेसर करेंगे पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी
- प्रो. एनबी सिंह, कुलपति एचबीटीयू व सिविल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ
- प्रो. सुनील कुमार, सिविल इंजीनियरिंग
- प्रो. रघुराज सिंह, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
- प्रो. अनीता यादव, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
- प्रो. प्रदीप कुमार, सिविल इंजीनियरिंग
- प्रो. कृष्णराज, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
- प्रो. मनोज कुमार शुक्ला इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
जल और वायु प्रदूषण के लिए लगेंगे 50-50 सेंसर
प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि शहर में जल और वायु प्रदूषण की हर सेकेंड मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिए पूरे शहर में 50 सेंसर जल प्रदूषण के लिए और 50 वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग के लिए लगाए जाएंगे।
- प्रो. एनबी सिंह, कुलपति एचबीटीयू व सिविल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ
- प्रो. सुनील कुमार, सिविल इंजीनियरिंग
- प्रो. रघुराज सिंह, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
- प्रो. अनीता यादव, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
- प्रो. प्रदीप कुमार, सिविल इंजीनियरिंग
- प्रो. कृष्णराज, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
- प्रो. मनोज कुमार शुक्ला इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
जल और वायु प्रदूषण के लिए लगेंगे 50-50 सेंसर
प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि शहर में जल और वायु प्रदूषण की हर सेकेंड मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिए पूरे शहर में 50 सेंसर जल प्रदूषण के लिए और 50 वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग के लिए लगाए जाएंगे।
कानपुर में प्रवेश होते ही सेंसर करेंगे स्कैन
प्रो. शुक्ला ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई अत्याधुनिक तकनीक शहर में प्रयोग की जाएंगी। शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर ऐसे सेंसर लगाए जाएंगे जो वहां से शहर में दाखिल होने वाले प्रत्येक इंसान को स्कैन कर लेगा। इंसान की पूरी जानकारी अलग-अलग प्लेटफार्म से ट्रेस करके डाटा में रिकॉर्ड कर देगा।
कहीं भी नहीं लगा पाएंगे बैनर-पोस्टर
किसी भी शहर की सुंदरता खराब करने में जगह-जगह विज्ञापन के लिए लगे पोस्टर, होर्डिंग और बैनर की भूमिका अधिक होती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ऐसा नहीं होगा। जिस भी कंपनी, कोचिंग या व्यक्ति को शहर में अपने उत्पाद या सुविधा का विज्ञापन कराना होगा उसे डिजिटल एडवरटाइजिंग बोर्ड पर ही करना होगा। यह बोर्ड शहर के 70 इलाकों में लगाए जाएंगे। इस पर कोई भी अपना विज्ञापन दे सकेगा।
बिजली, पानी की व्यवस्था होगी मजबूत
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं पर भी खासा ध्यान दिया जाएगा। इन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी विभिन्न तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। ये तकनीकें टेक महिंद्रा की तरफ से तैयार की जाएंगी। इसकी मॉनीटरिंग भी एचबीटीयू के विशेषज्ञ करेंगे।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई अत्याधुनिक तकनीक शहर में प्रयोग की जाएंगी। शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर ऐसे सेंसर लगाए जाएंगे जो वहां से शहर में दाखिल होने वाले प्रत्येक इंसान को स्कैन कर लेगा। इंसान की पूरी जानकारी अलग-अलग प्लेटफार्म से ट्रेस करके डाटा में रिकॉर्ड कर देगा।
कहीं भी नहीं लगा पाएंगे बैनर-पोस्टर
किसी भी शहर की सुंदरता खराब करने में जगह-जगह विज्ञापन के लिए लगे पोस्टर, होर्डिंग और बैनर की भूमिका अधिक होती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ऐसा नहीं होगा। जिस भी कंपनी, कोचिंग या व्यक्ति को शहर में अपने उत्पाद या सुविधा का विज्ञापन कराना होगा उसे डिजिटल एडवरटाइजिंग बोर्ड पर ही करना होगा। यह बोर्ड शहर के 70 इलाकों में लगाए जाएंगे। इस पर कोई भी अपना विज्ञापन दे सकेगा।
बिजली, पानी की व्यवस्था होगी मजबूत
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं पर भी खासा ध्यान दिया जाएगा। इन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी विभिन्न तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। ये तकनीकें टेक महिंद्रा की तरफ से तैयार की जाएंगी। इसकी मॉनीटरिंग भी एचबीटीयू के विशेषज्ञ करेंगे।