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कानपुर बस हादसा: शासन को सौंपी गई जांच रिपोर्ट, दोषियों पर जल्द कसेगा पुलिस का शिकंजा
Mon, 07 Feb 2022 03:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 07 Feb 2022 03:57 PM IST
सार
टाटमिल चौराहे पर 31 जनवरी की रात बेकाबू ई-बस ने 15 लोगों को कुचला था। जिनमें से 6 की मौत हो गई थी। इस मामले में कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में बस चालक, कंडक्टर, कंपनी के अफसर व पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है।
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कानपुर ई बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ई-बस से हुए हादसे की जांच कर रही कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। शासन को रिपोर्ट भी सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में बस चालक, कंडक्टर, कंपनी के अफसर व पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है। साथ ही कुछ सिफारिशें कर सुझाव भी दिए हैं। जिससे भविष्य में इस तरह के हादसों पर अंकुश लग सके।
टाटमिल चौराहे पर 31 जनवरी की रात ई-बस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को रौंद दिया था। जिनमें से 6 की मौत हो गई थी। पुलिस ने बस चालक सतेंद्र सिंह यादव पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। शासन ने नगर विकास सचिव अनिल कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी में एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। चालक सतेंद्र सिंह यादव, कंडक्टर आलोक के अलावा कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी भी दोषी पाए गए हैं। टाटमिल चौराहे के पास ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियोें की भी लापरवाही उजागर हुई है। फिलहाल इन सभी के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
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कमेटी ने इन सभी पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। कमेटी ने ये भी पाया कि मानकों के अनुरूप चालकों व कंडक्टरों की भर्ती नहीं की गई। जिसको सुधारने की सिफारिश की गई है। जिससे ट्रेंड चालक भी रखे जाएं। निगरानी की व्यवस्था में सुधार करने की भी सिफारिश की गई है।
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टाटमिल चौराहे पर 31 जनवरी की रात ई-बस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को रौंद दिया था। जिनमें से 6 की मौत हो गई थी। पुलिस ने बस चालक सतेंद्र सिंह यादव पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। शासन ने नगर विकास सचिव अनिल कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी में एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर भी शामिल हैं।
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सूत्रों के मुताबिक जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। चालक सतेंद्र सिंह यादव, कंडक्टर आलोक के अलावा कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी भी दोषी पाए गए हैं। टाटमिल चौराहे के पास ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियोें की भी लापरवाही उजागर हुई है। फिलहाल इन सभी के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
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कमेटी ने इन सभी पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। कमेटी ने ये भी पाया कि मानकों के अनुरूप चालकों व कंडक्टरों की भर्ती नहीं की गई। जिसको सुधारने की सिफारिश की गई है। जिससे ट्रेंड चालक भी रखे जाएं। निगरानी की व्यवस्था में सुधार करने की भी सिफारिश की गई है।