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Kanpur: एसडीएम और एडीएम न्यायिक कोर्ट में पैरवी करने वाला दलाल पकड़ा, खुद को बताता था कलेक्ट्रेट में बाबू
Tue, 11 Mar 2025 11:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 11 Mar 2025 11:41 PM IST
सार
Kanpur News: एसडीएम और एडीएम न्यायिक कोर्ट में पैरवी करने वाला दलाल पकड़ा गया है। आसरा आवास दिलाने के नाम पर कई महिलाओं 35 हजार रुपये ऐंठ लिए।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आसरा आवास दिलाने के नाम कई महिलाओं से 35 हजार रुपये ठगने वाला दलाल शाहिद को मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार ने पकड़ लिया। एक सप्ताह पहले आवास विकास नौबस्ता निवासी महिला पूनम ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आवास दिलाने के नाम पर पैसा लेने की बात कही थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर उसपर लगातार निगरानी की जा रही थी। यह दलाल खुद को एडीएम न्यायिक कोर्ट का बाबू बताता था। साथ ही एसडीएम कोर्ट के मुकदमों में भी पैरवी करता था।
शासन ने प्राइवेट कर्मी का सरकारी कार्यालयों में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी कलेक्ट्रेट में दलालों का बोल बाला है। एक सप्ताह पहले महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि आसरा आवास योजना के तहत आवास के लिए 6 माह पहले जिलाधिकारी के जनता दरबार में गुहार लगाने पहुंची थी। वहीं पर उनकी मुलाकात शाहिद से हुई। उसने आवास दिलाने की बात कही उसके बदले में उसने पैसे की भी मांग की थी। जिसमें उसने तीन से चार बार में करीब 35 हजार रुपये कई महिलाओं से अलग-अलग लिए। जब 6 माह बाद भी महिलाओं को आवास नहीं मिला तो उसने सोमवार को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने शाहिद को पकड़ने के लिए एडीएम सिटी को निर्देश दिए। मंगलवार को एसडीएम कोर्ट के बाहर पहुंचा तभी सूचना पर उसे एडीएम सिटी ने पकड़ा। पूछताछ में दलाल ने बताया कि कई वर्ष पहले उसे एडीएम जे कार्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर सत्तर हजार रुपये लिए गए थे। लेकिन नौकरी नहीं मिल सकी। तब से उसका कलेक्ट्रेट में आना-जाना हो गया। एडीएम सिटी ने शाहिद को पुलिस के हवाले कर दिया।
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शासन ने प्राइवेट कर्मी का सरकारी कार्यालयों में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी कलेक्ट्रेट में दलालों का बोल बाला है। एक सप्ताह पहले महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि आसरा आवास योजना के तहत आवास के लिए 6 माह पहले जिलाधिकारी के जनता दरबार में गुहार लगाने पहुंची थी। वहीं पर उनकी मुलाकात शाहिद से हुई। उसने आवास दिलाने की बात कही उसके बदले में उसने पैसे की भी मांग की थी। जिसमें उसने तीन से चार बार में करीब 35 हजार रुपये कई महिलाओं से अलग-अलग लिए। जब 6 माह बाद भी महिलाओं को आवास नहीं मिला तो उसने सोमवार को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने शाहिद को पकड़ने के लिए एडीएम सिटी को निर्देश दिए। मंगलवार को एसडीएम कोर्ट के बाहर पहुंचा तभी सूचना पर उसे एडीएम सिटी ने पकड़ा। पूछताछ में दलाल ने बताया कि कई वर्ष पहले उसे एडीएम जे कार्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर सत्तर हजार रुपये लिए गए थे। लेकिन नौकरी नहीं मिल सकी। तब से उसका कलेक्ट्रेट में आना-जाना हो गया। एडीएम सिटी ने शाहिद को पुलिस के हवाले कर दिया।
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एडीएम न्यायिक, एसडीएम कोर्ट में खूब था बोलबाला
सूत्रों की मानें तो कई वर्षों से एडीएम न्यायिक कोर्ट में बैठता था। उनकी कोर्ट में चल रहे मुकदमों की पैरवी करता था। तत्कालीन पेशकार का करीबी बताया जाता है। इसके साथ एसडीएम सदर कोर्ट के भी मुकदमों की पैरवी कराता था। उनको निपटाने के लिए सुविधा शुल्क भी लेता था। यही नहीं विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में भी आना जाना था। कर्मचारियों से मिलीभगत से योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पैसा लेता था।
सूत्रों की मानें तो कई वर्षों से एडीएम न्यायिक कोर्ट में बैठता था। उनकी कोर्ट में चल रहे मुकदमों की पैरवी करता था। तत्कालीन पेशकार का करीबी बताया जाता है। इसके साथ एसडीएम सदर कोर्ट के भी मुकदमों की पैरवी कराता था। उनको निपटाने के लिए सुविधा शुल्क भी लेता था। यही नहीं विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में भी आना जाना था। कर्मचारियों से मिलीभगत से योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पैसा लेता था।
जिलाधिकारी से शिकायत के बाद निगरानी की जा रही थी। ये कई सालों से कलेक्ट्रेट में दलाली कर रहा था। शिकायत के बाद इसकी पोल खुली। कोतवाली पुलिस को बुलाकर जेल भेज दिया है। कोई भी दलाल अब छोड़ा नहीं जाएगा। - डॉ राजेश कुमार, एडीएम सिटी