मतभेद: बॉक्सिंग संगठनों में गुटबाजी के पंच, ‘आपसी फाइट’ में नॉकआउट हो रहे खिलाड़ी; प्रतियोगिताओं पर भी ब्रेक
Kanpur News: कानपुर में तीन अलग-अलग बॉक्सिंग संगठनों के बीच वर्चस्व की जंग से खिलाड़ियों की संख्या 80 से घटकर 55 रह गई है। पिछले तीन वर्षों से कोई बड़ी प्रतियोगिता न होने से शहर के बॉक्सर अब पलायन कर रहे हैं।
विस्तार
कानपुर शहर में बॉक्सिंग संगठनों के बीच बढ़ती आपसी खींचतान का असर खिलाड़ियों के भविष्य पर पड़ रहा है। कभी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखने वाले कानपुर के बॉक्सर आज अव्यवस्था के दौर से गुजर रहे हैं। हालात यह हैं कि ग्रीनपार्क स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की संख्या लगातार घट रही है।
वर्ष 2018 में जहां 80 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते थे। वहीं, पिछले वर्ष यह संख्या करीब 55 रह गई है। प्रदर्शन स्तर में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। शहर में वर्तमान में तीन अलग-अलग बॉक्सिंग संगठन सक्रिय हैं जिनके पदाधिकारी खुद को अधिकृत बताते हुए सचिव पद का दावा कर रहे हैं।
खिलाड़ियों का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा
इससे खिलाड़ियों का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त कानपुर एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन में श्याम मिश्रा अध्यक्ष, संजीव दीक्षित सचिव और भगवानदीन कोषाध्यक्ष हैं।
महासचिवों से आधिकारिक स्वीकृति मिली है
संजीव दीक्षित का दावा है कि उन्हें दोनों संगठनों के महासचिवों से आधिकारिक स्वीकृति मिली है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन को इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है। इसमें उपेंद्र पांडे सचिव और विशाल गुप्ता अध्यक्ष हैं।
फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर पद हासिल करने का आरोप
तीसरे संगठन के रूप में कानपुर बॉक्सिंग एसोसिएशन भी सक्रिय है, जिसमें संकल्प दीक्षित सचिव हैं। वे यूपी बॉक्सिंग स्टेट एसोसिएशन में एग्जीक्यूटिव की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने उन पर फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर पद हासिल करने का आरोप लगाते हुए मान्यता निलंबित कर दी है।
पंजीकरण के लिए किया आवेदन
कानपुर एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने पंजीकरण के लिए चिट फंड सोसायटी कार्यालय में आवेदन किया है। उसकी ओर से आगामी बैठकों व प्रतियोगिताओं की योजना तैयार की जा रही है।
बढ़े संगठन तो, घटीं प्रतियोगिताएं
पहले शहर में एक ही संगठन होने से नियमित रूप राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं होती थीं। वर्तमान में तीन संगठन होने और उनके बीच खींचतान से पिछले तीन वर्षों से कोई बड़ी प्रतियोगिता नहीं हो सकी है। ग्रीनपार्क, डीबीएस कॉलेज और सीएसजेएमयू जैसे प्रशिक्षण केंद्र भी इस विवाद से प्रभावित हो रहे हैं। इससे खिलाड़ी दूसरे जिलों व राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं।
दो बार यूपी चैंपियन रहीं रुखसार बानो
2018 से पहले शहर में दिवाकर राजपूत, अमन, संदीप सोनकर, अविनाश सिंह, रुखसार बानो, निखिल आदि ने राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर शहर का नाम रोशन किया। रुखसार बानो ने बॉक्सिंग में लगातार दो बार यूपी चैंपियन का खिताब जीता।