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Kanpur: बीआईएस के अफसरों का दो सराफा प्रतिष्ठानों पर छापा, 50 लाख के गहने जब्त
Wed, 18 Dec 2024 07:58 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Dec 2024 07:58 PM IST
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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का छापा
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) लखनऊ के अफसरों की टीमों ने बुधवार को पहली बार शहर के दो सराफा प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। जांच में प्रतिष्ठानों पर बिना हॉलमार्क के मिले 50 लाख के गहने जब्त किए गए। सोने के गहनों पर हॉलमार्क न मिलने की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई से सराफा बाजार में हड़कंप मच गया।
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बीआईएस के वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख सुधीर बिश्नोई के निर्देश पर संयुक्त निदेशक चंद्रकेश सिंह की अगुवाई में अफसरों की टीमों ने धोबी मोहाल स्थित मेसर्स रविशंकर एंड संस के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। यहां बिना हाॅलमार्क लगे 700 ग्राम सोने के गहने जब्त किए। उपनिदेशक सुयश पांडेय की टीम ने चौक सराफा स्थित मेसर्स कमलेश सिंह एंड संस ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड की फर्म पर कार्रवाई की। यहां भी बिना हाॅलमार्क लगे 67 ग्राम सोने के जेवर जब्त किए गए। दोनों दुकानों से जब्त किए गए गहनों की कीमत करीब 50 लाख रुपये है।
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बताया गया कि 23 जून 2021 से कानपुर में अनिवार्य हाॅलमार्किंग योजना लागू की गई है। इसके तहत कोई भी सराफा हाॅलमार्क लगाए बिना गहने नहीं बेच सकता। इसके बावजूद दोनों सराफा बिना हाॅलमार्क के गहने बेच रहे थे। वरिष्ठ निदेशक ने ग्राहकों से अपील की है कि वे बीआईएस केयर एप के माध्यम से गहनों पर अंकित एचयूआईडी नंबर डालकर गहनों की शुद्धता आदि चेक करके ही गहने खरीदें। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष आशू शर्मा का कहना है कि ग्राहकों को शुद्ध गहने मिलें, इसके लिए पहले जागरूक करना चाहिए। बाजार में कारोबार पहले से ही नहीं है। छापे और जब्ती से कारोबारियों में भय का माहौल बनेगा। अलग-अलग ट्रेडों की निगरानी पहले से कराई जा रही है।
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