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UP: अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी शर्तों के साथ मिली जमानत, अभी नहीं हो सकेगी जेल से रिहाई, ये है वजह

Tue, 24 Feb 2026 09:23 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 24 Feb 2026 09:23 AM IST
सार

Kanpur News: सुप्रीम कोर्ट ने रंगदारी मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जमानत दे दी है, लेकिन शर्त रखी है कि वे जांच पूरी होने तक शहर से बाहर रहेंगे। अन्य लंबित मुकदमों के कारण उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा।

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Kanpur Akhilesh Dubey granted bail by Supreme Court with strict conditions but he will not released from jail
रवि सतीजा और अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा दर्ज कराए गए रंगदारी के मामले में छह महीने से जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट के आदेशानुसार जब तक मुकदमे की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक अखिलेश शहर में नहीं रह सकेगा। इसके अलावा भी कई पाबंदियां लगाई गई हैं।

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हालांकि, अखिलेश की अभी भी जेल से रिहाई नहीं हो सकेगी। रवि सतीजा ने बर्रा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा था कि अखिलेश दुबे व साथियों ने मिलकर उनके खिलाफ बर्रा थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत झूठा मुकदमा लिखवाया। जांच में घटना झूठी पाई जाने पर एफआर लगी, तो आरोपियों ने रवि को उसके सोना मेंशन बिल्डिंग की छत पर ले जाकर कब्जे और जान माल की धमकी दी। वादिनी मुकदमा के माध्यम से कोर्ट में कूटरचित शपथपत्र दिलवाया गया।

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अखिलेश को सशर्त जमानत मिल गई
फिर रवि को अखिलेश ने अपने कार्यालय में बुलाकर मुकदमे से बचाने के लिए 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। इसी मुकदमे में अखिलेश को पुलिस ने छह अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वह जेल में ही बंद है। अखिलेश की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट ने भी 27 अक्तूबर 2025 को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां सुनवाई के बाद अखिलेश को सशर्त जमानत मिल गई।

यह है मुकदमों की स्थिति
जेल जाने के बाद अखिलेश के खिलाफ एक-एक कर चार और मुकदमे दर्ज हुए थे। दो मुकदमे किदवईनगर थाने में शैलेंद्र कुमार व सुरेश पाल द्वारा दर्ज कराए गए थे। एक मुकदमा अधिवक्ता संदीप शुक्ला द्वारा कोतवाली में दर्ज कराया गया था। एक मुकदमा वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुआ था। जूही थाने में दर्ज प्रज्ञा त्रिवेदी के मुकदमे में अग्रिम विवेचना में अखिलेश का नाम आने पर चार्जशीट दाखिल हुई है। इनमें से संदीप शुक्ला और शैलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज मुकदमों में अखिलेश को सेशन कोर्ट से ही जमानत मिल गई थी।

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हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है
सुरेश पाल, रवि सतीजा और वक्फ संपत्ति से संबंधित मुकदमों में सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो गई थी। प्रज्ञा के मुकदमे में जमानत अर्जी पर अपर जिला जज प्रथम की अदालत में सुनवाई चल रही है। रवि सतीजा के मुकदमे में अखिलेश की जमानत याचिका 27 अक्तूबर 2025 को हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। इस आदेश के खिलाफ अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश सुनाया है। वहीं, सुरेश पाल और वक्फ के मुकदमे में हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।

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