फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed

UP: अखिलेश और उनके भाई पर करोड़ों की वक्फ जमीन पर कब्जे का आरोप, एसआईटी की जांच में हुआ खुलासा…सामने आई ये बात

Fri, 08 Aug 2025 01:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 08 Aug 2025 01:48 PM IST
सार

Kanpur News: अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके भाई सर्वेश दुबे पर परमट स्थित करोड़ों की वक्फ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगा है। इस मामले में एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया है और लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है।

विज्ञापन
Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed
अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर भाई सर्वेश संग मिलकर करोड़ों रुपये की वक्फ की जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का आरोप है। परमट स्थित वक्फ संपत्ति की जमीन पर कब्जा करने शिकायत सौरभ भदौरिया ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की थी। इस पर एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार, एसीपी कोतवाली की एसआईटी गठित कर जांच कराई, तो खेल सामने आया।

विज्ञापन

Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed
कचहरी में खड़ी पुलिस - फोटो : amar ujala

लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में मुकदमा भी लंबित है। परमट स्थित संपत्ति संख्या 13/388 और 13/390 पर अवैध कब्जे को लेकर डीएम से शिकायत की गई थी जिसकी टीम ने रिकॉर्ड से जांच की तो वक्फ संपत्ति निकली। संपत्ति संख्या 13/390 को तत्कालीन डीएम ने वर्ष 2001 में निष्क्रांत संपत्ति घोषित किया था। भारत के विभाजन के दौरान पाकिस्तान जाने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्ति को निष्क्रांत संपत्ति कहते हैं। इसे लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका लंबित है और संपत्ति पर स्टे मिला हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed
अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा - फोटो : amar ujala

वर्ष 2010 में ही खत्म हो गई थी संपत्ति की पट्टा अवधि
संपत्ति संख्या 13/388 को कोर्ट के आदेश पर वर्ष 1979 में नीलाम किया गया। नीलामी आदेश के खिलाफ अपील हुई लेकिन कोई राहत नहीं मिली। मूल नीलामी क्रेता प्रभावती अग्रवाल ने अपना आधा भाग और रंजना काशीवार ने अपना पूरा भाग वर्ष 1985 में अलका खेमका, निर्मला गुप्ता व उमा ओमर को बेच दिया। सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित इस 265.40 वर्गमीटर की संपत्ति का मुन्नीदेवी, विवेक कुमार गुप्ता, प्रभावती देवी अग्रवाल, उमा ओमर, अलका खेमका और निर्मला गुप्ता ने किदवईनगर निवासी राजकुमार शुक्ला को मुख्तारआम नियुक्त कर दिया, जब कि इस संपत्ति की पट्टा अवधि वर्ष 2010 में ही खत्म हो गई थी।

विज्ञापन

Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed
अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में विचाराधीन है मामला
इसके बावजूद राजकुमार शुक्ला ने बिना किसी अधिकार के वर्ष 2016 में यह संपत्ति अखिलेश दुबे के भाई सर्वेश दुबे और उनकी फर्म मेसर्स केनरी ऐपेरलेस प्रा. लि. को बेच दी। मूल पट्टाधारक को यह संपत्ति आवासीय प्रयोजन के लिए दी गई थी और उसे बेचने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद राजकुमार ने सर्वेश को जमीन बेच दी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर एसआईटी ने वर्ष 2016 में एक एफआईआर दर्ज की थी जिसमें वर्ष 2021 में लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। वर्तमान मुतवल्ली ने संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ में बेदखली वाद भी दाखिल किया है, जो विचाराधीन है।

Kanpur Akhilesh and his brother accused of occupying Waqf land worth crores SIT investigation revealed
कोर्ट ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भेजा जेल - फोटो : amar ujala

पट्टे पर आवासीय प्रयोग के लिए दी गई थी जमीन
तत्कालीन मुतवल्ली अबु सईद ने वक्फ संपत्ति भाग संख्या 69 को जिला जज की अनुमति से 99 वर्ष के रजिस्टर्ड पट्टे पर हाफिज मोहम्मद हलीम को प्रदान किया गया। पट्टे में जमीन की शर्त आवासीय प्रयोग के लिए थी। व्यवसाय व व्यापार के लिए मुतवल्ली व जिला जज की अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसके साथ ही पट्टेधारक को जमीन पांच वर्ष के लिए किराए पर देने की अनुमति थी बिक्री नहीं थी। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed