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Kanpur: दिवाली से पहले हवा हुई खराब, शहर पहुंचा रेड जोन में, एक्यूआई 186

Thu, 31 Oct 2024 12:27 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 31 Oct 2024 12:27 AM IST
सार

Kanpur News: त्योहारी सीजन में प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई है। शहर रेड जोन में पहुंच गया है। बाजारों में वाहनों की भीड़ से उठने वाला धुआं और गड्ढों वाली सड़कों से उठने वाली धूल वजह बन रही है।

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Kanpur: Air quality worsens before Diwali, city reaches red zone, AQI 186
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्योहारी सीजन में बाजारों में होने वाली वाहनों की भीड़ से उठने वाले धुएं, कूड़ा जलाने और धूल की वजह से शाम के समय हवा खराब हो गई। दोपहर में शहर में प्रदूषण की मात्रा 76 एक्यूआई के आसपास थी, जो रात 9 बजे तक 176 तक और रात 10 बजे यह 186 पहुंच गई। सुबह ग्रीन जोन से शुरुआत के बाद रात को शहर रेड जोन में पहुंच गया।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार की सुबह एक्यूआई ग्रीन जोन यानि 55 एक्यूआई के बीच और दोपहर में यलो जोन यानि शहर में प्रदूषण की स्थिति 95 एक्यूआई और रात 10 बजे यह बढ़कर रेड जोन यानि प्रदूषण की मात्रा 186 एक्यूआई पहुंच गई। प्रदूषण की मात्रा रात 9 बजे 176 थी जो एक घंटे में प्रति क्यूबिक मीटर 10 एक्यूआई बढ़ गया। इससे साफ है कि शाम से रात तक शहर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। दिन का पारा बुधवार को एक डिग्री बढ़कर 35.2 डिग्री पर पहुंच गया, लेकिन न्यूनतम तापमान तीन दिन में 1.5 डिग्री घटकर 19.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
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मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू होने के बाद ही मैदानी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ेगा। इस तरह का मौसम आने में पूरे छह दिन और लगेंगे। यानि पांच नवंबर से ठंड धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाएगी। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, उसके साथ ही प्रदूषण की मात्रा में भी इजाफा होगा। दरअसल ओस ज्यादा पड़ने की वजह से जमीन से उठकर ऊपर जाने वाला धूल और धुएं के कण एक परत के रूप में शहर के ऊपर करीब तीन किलोमीटर की ऊंचाई पर परत के रूप में जमा हो जाते हैं। जिससे सांस के मरीजों को दिक्कत होने लगती है।

प्रदूषण रोकने के लिए सीपीसीबी की ओर से जारी गाइड लाइन के विषय में जिलाधिकारी के माध्यम से सभी विभागों को जानकारी दे दी गई है। जिसमें पीडब्ल्यूडी, केडीए, सिंचाई विभाग, एनएच, नगर निगम, परिवहन विभाग, परिवहन निगम सहित एक दर्जन से अधिक विभाग शामिल हैं। - अमित मिश्रा क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण विभाग


 

प्रदूषण फैलने की मुख्य वजह
गड़्ढों वाली सड़कें, कूड़ा जलाना, भवन निर्माण सामग्री को खुले में रखना और उस पर समय-समय पर छिड़काव न करना, पुराने वाहन जिनकी समय-समय पर मरम्मत नहीं होती, खेतों में पराली जलाना जैसी कई वजहें शामिल हैं।
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