Kanpur Adoption Case: पुलिस को नहीं मिले अपहरण के साक्ष्य, ACP बोले- निराधार है आरोप, अब कागजात खोलेंगे सच्चाई
Kanpur Crime: नवाबगंज थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची का गोदनामा कराने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस को जांच में अपहरण के साक्ष्य नहीं मिले हैं। एसीपी कर्नलगंज की प्राथमिक जांच में नवजात के अपहरण का आरोप निराधार है।
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कानपुर के नवाबगंज में नवजात बच्ची विजेता को गोद लेने के प्रकरण में शिकातकर्ता पक्ष की ओर से आरोपी पक्ष पर लगाया गया अपहरण का आरोप पुलिस की प्राथमिक जांच में निराधार मिला है। अब गोदनामे के लिए कराई गई लिखापढ़ी के अभिलेखों की जांच पूरे प्रकरण की सच्चाई खोलेगी।
नवाबगंज के पहलवानपुरवा निवासी सिक्योरिटी गार्ड मुन्नालाल शुक्ला की पत्नी सुनीता शुक्ला ने क्षेत्र के राशन दुकानदार राजेंद्र प्रसाद त्रिवेदी की बेटी वर्षा व उनके पति समेत पांच के खिलाफ नवजात बच्ची के अपहरण, धोखाधड़ी और धमकाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया था कि वर्षा बच्ची का आधार कार्ड बनवाने और सरकारी मदद दिलाने के बहाने उन्हें कचहरी ले गई।धोखाधड़ी करके कुछ कागजातों में हस्ताक्षर करवाकर बच्ची का गोदनामा अपने नाम करवा लिया। इसके बाद वर्षा बच्ची को टीका लगवाने के नाम पर घर से ले गई।
पुलिस के हाथ लगा है ऑडियो
जब उन्होंने बच्ची वापस मांगी, तो आरोपी पक्ष ने धमकाया। प्रकरण की जांच डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने कर्नलगंज एसीपी अकमल खां को सौंपी गई है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो उनके हाथ लगी।
अपहरण का आरोप निराधार निकला
इससे साफ हो गया था कि शिकायकर्ता पक्ष को बच्ची के गोद देने के विषय में पूरी जानकारी थी। ऐसे में पुलिस की प्राथमिक जांच में अपहरण का आरोप निराधार निकला है। वहीं, धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में टीम को भेजकर कागजातों की जांच कराई जाएगी।
सुनीता ने क्यों पूछा बच्ची का हाल
आरोपी वर्षा ने बताया कि उनके पास एक फोन रिकॉर्डिंग है। इस रिकॉर्डिंग में उनकी सुनीता से बातचीत है। बताया उन्होंने 30 जनवरी को कानूनी लिखापढ़ी करके बच्ची को गोद लिया था। छह से सात फरवरी के बीच सुनीता ने उन्हें फोन किया और गोंडा स्थित अपने मायके में भाई की शादी में विजेता समेत चलने का न्यौता दिया।
पुलिस को सौंपेंगी रिकॉर्डिंग
करीब 12 मिनट की बातचीत के दौरान उसने कई बार बच्ची के वर्षा के पास होने का भी जिक्र किया। आखिर में सुनीता ने वर्षा से बच्ची के हालचाल भी लिए। जबकि, सुनीता ने अपहरण की घटना पांच फरवरी की बताई है। वर्षा के अनुसार अगर उन्होंने बच्ची का अपहरण किया होता, तो कोई मां इस तरीके से फोन पर बात क्यों करती।
हिंदू एडॉप्शन एक्ट के तहत गोदनामा निरस्त नहीं हो सकता
एसीपी अकमल खां ने बताया कि हिंदू एडॉप्शन एक्ट के सेक्शन-15 के तहत यदि कोई व्यक्ति 14 से कम उम्र के बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेता है तो उसे निरस्त नहीं किया जा सकता। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में यह संभव है।
बच्ची की वजह से गांव में हो रही बदनामी
सुनीता ने बताया कि जब से उनकी बच्ची को वर्षा ले गई है, तब से उनकी गांव में उनकी बहुत बदनामी हो रही है। बताया वह मूलरूप से गोंडा की रहने वाली है। वहीं से उनके राशन पानी का इंतजाम होता है। अब गांव वाले बच्ची को बेचने का आरोप लगाकर ताने मारते हैं। इस वजह से उन्होंने गांव जाना बंद कर दिया है।