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Kanpur: एक दिन का सन्नाटा, ट्रेनों में फिर जुटी लौटने वालों की भीड़
Thu, 05 Mar 2026 10:36 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 05 Mar 2026 10:36 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
होली के दिन बुधवार को अधिकतर ट्रेनों में सन्नाटा रहा। त्योहार बाद गुरुवार से वापसी करने वालों का लोड शुरू हो गया। शाम चार बजे से ट्रेनों में ठीकठाक भीड़ रही। जोधपुर-हावड़ा के कोच में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। हालांकि, भीड़ इतनी नहीं थी कि सुरक्षा बल को मशक्कत करनी पड़े। फिर भी क्यूआरटी पेट्रोलिंग में सक्रिय रही। होरियारों पर विशेष नजर रखने को चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग कराई गई।
होली के अगले दिन गुरुवार से कानपुर से अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले हर ट्रेन में वापसी का लोड शुरू हो गया है। दिल्ली, मुंबई रूट पर जाने और बिहार, पूर्वांचल की तरफ से आने वाली ट्रेनों में भीड़ रही। दिनभर आरपीएफ और जीआरपी के जवान विभिन्न प्लेटफॉर्म पर गश्त करते रहे। हालांकि, भीड़ इतनी नहीं थी कि सुरक्षा जनानों को मशक्कत करनी पडृे। वापसी करने वालों का सिलसिला रात तक चलता रहा।
होली के दिन खाली गई गई ट्रेनें
बुधवार को चौरीचौरा, लखनऊ मेमू, उत्सर्ग, पवन एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के कोच खाली गए। स्थिति यह थी कि 12034 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के फस्र्ट एसी में 56 में से 16 यात्री तो एसी चेयरकार से 1092 की जगह सिर्फ 212 यात्री दिल्ली से कानपुर आए। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से 1248 की जगह 398 ने ही सेंट्रल स्टेशन से दिल्ली का सफर किया। जम्मू तवी, कालका मेल, मुरी, चौरीचौरा, उत्सर्ग एक्सप्रेस, कासगंज पैसेंजर, बांदा पैसेंजर, खजुराहो पैसेंजर सहित करीब 62 ट्रेनों में 50 फीसदी से कम यात्री लोड रहा।
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अब लंबी वेटिंग, स्पपेशल ही सहारा
रेलवे आरक्षण रिकॉर्ड के अनुसार, छह से 11 मार्च तक हर रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। दस मार्च को श्रमशक्ति एक्सप्रेस के हर क्लास में वेटिंग 50 पार है। अभी से इमरजेंसी कोटा के तहत सीट लेने के लिए एक सीट पर 13 से 18 सिफारिशी पत्र लग चुके हैं। इमरजेंसी कोटा तो उसी दिन होता है, तब तक इसमें और इजाफा होगा। सेंट्रल स्टेशन हो या गोविंदपुरी, इन स्टेशनों से बेंगलुरू, हैदराबाद, कोच्चि, चेन्नई की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन में 18 मार्च तक किसी भी क्लास में कंफर्म सीटें नहीं है। यात्री तत्काल कोटे में सीटें करवाने में जुटे हैं।
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होली के अगले दिन गुरुवार से कानपुर से अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले हर ट्रेन में वापसी का लोड शुरू हो गया है। दिल्ली, मुंबई रूट पर जाने और बिहार, पूर्वांचल की तरफ से आने वाली ट्रेनों में भीड़ रही। दिनभर आरपीएफ और जीआरपी के जवान विभिन्न प्लेटफॉर्म पर गश्त करते रहे। हालांकि, भीड़ इतनी नहीं थी कि सुरक्षा जनानों को मशक्कत करनी पडृे। वापसी करने वालों का सिलसिला रात तक चलता रहा।
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होली के दिन खाली गई गई ट्रेनें
बुधवार को चौरीचौरा, लखनऊ मेमू, उत्सर्ग, पवन एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के कोच खाली गए। स्थिति यह थी कि 12034 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के फस्र्ट एसी में 56 में से 16 यात्री तो एसी चेयरकार से 1092 की जगह सिर्फ 212 यात्री दिल्ली से कानपुर आए। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से 1248 की जगह 398 ने ही सेंट्रल स्टेशन से दिल्ली का सफर किया। जम्मू तवी, कालका मेल, मुरी, चौरीचौरा, उत्सर्ग एक्सप्रेस, कासगंज पैसेंजर, बांदा पैसेंजर, खजुराहो पैसेंजर सहित करीब 62 ट्रेनों में 50 फीसदी से कम यात्री लोड रहा।
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अब लंबी वेटिंग, स्पपेशल ही सहारा
रेलवे आरक्षण रिकॉर्ड के अनुसार, छह से 11 मार्च तक हर रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। दस मार्च को श्रमशक्ति एक्सप्रेस के हर क्लास में वेटिंग 50 पार है। अभी से इमरजेंसी कोटा के तहत सीट लेने के लिए एक सीट पर 13 से 18 सिफारिशी पत्र लग चुके हैं। इमरजेंसी कोटा तो उसी दिन होता है, तब तक इसमें और इजाफा होगा। सेंट्रल स्टेशन हो या गोविंदपुरी, इन स्टेशनों से बेंगलुरू, हैदराबाद, कोच्चि, चेन्नई की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन में 18 मार्च तक किसी भी क्लास में कंफर्म सीटें नहीं है। यात्री तत्काल कोटे में सीटें करवाने में जुटे हैं।