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कानपुर: गंगा एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए सोनिक में बनेगा जंक्शन, जाजमऊ से 27 किलोमीटर है दूर
Sun, 19 Dec 2021 02:30 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 Dec 2021 02:30 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छह लेन के गंगा एक्सप्रेस वे की आधारशिला शाहजहांपुर में रखी। मेरठ के बिजौली गांव के पास से इसका निर्माण शुरू होगा। प्रयागराज के जुड़ापुरदांदू गांव तक बनेगा। इसे पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला एक्सप्रेस वे भी बताया जा रहा है।
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गंगा एक्सप्रेस वे
- फोटो : social Media
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विस्तार
मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए उन्नाव जिले के सोनिक गांव के पास जंक्शन बनेगा। यहां से चढ़कर लोग प्रयागराज और मेरठ की ओर जा सकेेंगे। यह जंक्शन जाजमऊ से करीब 27 किलोमीटर दूर है। इस एक्सप्रेस वे को उन्नाव जिले के ही नेवरना गांव में कानपुर-लखनऊ के बीच बनने वाले एक्सप्रेस वे से भी जोड़ा जाएगा।
प्रदेश के सबसे लंबे (594 किलोमीटर) छह लेन के गंगा एक्सप्रेस वे की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शाहजहांपुर में रखी। मेरठ के बिजौली गांव के पास से इसका निर्माण शुरू होगा। प्रयागराज के जुड़ापुरदांदू गांव तक बनेगा। इसे पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला एक्सप्रेस वे भी बताया जा रहा है।
इस एक्सप्रेस वे पर उन्नाव जिले में दो जंक्शन प्रस्तावित हैं। एक जंक्शन कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक और दूसरा एलीवेटेड कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नेवरना के पास बनेगा। जंक्शन बनने से मेरठ, प्रयागराज से आने वाले वाहन यहीं से उतरकर लखनऊ, कानपुर आ जा सकेंगे। इससे मेरठ, प्रयागराज का सफर करना भी आसान होगा। लखनऊ की ओर से आने वाले वाहन भी सोनिक से एक्सप्रेस वे पकड़कर आगे की ओर जा सकेंगे।
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अभी शहरवासियों को मेरठ जाने के लिए हाईवे से यमुना एक्सप्रेस-वे जाना पड़ता है। इसी तरह प्रयागराज की तरफ वाहन चकेरी होते हुए एनएच-2 से जाते हैं। हालांकि गंगा एक्सप्रेस वे से उन्नाव से प्रयागराज करीब 230 किलोमीटर पड़ेगा, जबकि चकेरी से जीटी रोड होकर 200 किलोमीटर के आसपास है। नए एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 98 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है।
594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का यह है रूट
मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक।
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प्रदेश के सबसे लंबे (594 किलोमीटर) छह लेन के गंगा एक्सप्रेस वे की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शाहजहांपुर में रखी। मेरठ के बिजौली गांव के पास से इसका निर्माण शुरू होगा। प्रयागराज के जुड़ापुरदांदू गांव तक बनेगा। इसे पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला एक्सप्रेस वे भी बताया जा रहा है।
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इस एक्सप्रेस वे पर उन्नाव जिले में दो जंक्शन प्रस्तावित हैं। एक जंक्शन कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक और दूसरा एलीवेटेड कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नेवरना के पास बनेगा। जंक्शन बनने से मेरठ, प्रयागराज से आने वाले वाहन यहीं से उतरकर लखनऊ, कानपुर आ जा सकेंगे। इससे मेरठ, प्रयागराज का सफर करना भी आसान होगा। लखनऊ की ओर से आने वाले वाहन भी सोनिक से एक्सप्रेस वे पकड़कर आगे की ओर जा सकेंगे।
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अभी शहरवासियों को मेरठ जाने के लिए हाईवे से यमुना एक्सप्रेस-वे जाना पड़ता है। इसी तरह प्रयागराज की तरफ वाहन चकेरी होते हुए एनएच-2 से जाते हैं। हालांकि गंगा एक्सप्रेस वे से उन्नाव से प्रयागराज करीब 230 किलोमीटर पड़ेगा, जबकि चकेरी से जीटी रोड होकर 200 किलोमीटर के आसपास है। नए एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 98 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है।
594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का यह है रूट
मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक।