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पांच हजार घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया कानूनगो
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 19 Sep 2015 02:04 AM IST
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जमीन को एक जगह समायोजित करने के लिए पांच हजार रुपये घूस लेते कानूनगो को एंटी करप्शन टीम ने सरसैया घाट के पास एक दुकान से धर दबोचा। कोतवाली पुलिस ने कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शनिवार को उसे लखनऊ में एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
घाटमपुर के हथेई गांव निवासी ओम नारायण पांडेय की गांव में 17 बीघा जमीन है। चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने पैमाइश के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी कर एक हजार वर्ग मीटर भूमि दूसरे गाटा संख्या में दर्ज कर दी। ओम नारायण के बेटे नवीन ने चकबंदी अधिकारी को जमीन एक जगह समायोजित करने को प्रार्थना पत्र दिया। मामला सहायक चकबंदी अधिकारी के दफ्तर के कानूनगो को सौंपा गया।
नवीन ने बताया कि कानूनगो रमेशचंद्र शुक्ला ने इस काम के लिए 10 हजार रुपये घूस मांगी। तीन हजार रुपये उन्होंने पेशगी के तौर पर लिए। नवीन ने शुक्रवार सुबह मामले की जानकारी एंटी करप्शन की सीओ निहारिका शर्मा को दे दी। इसके बाद उनके कहने पर कानूनगो को सरसैया घाट चौराहा के पास स्थित मोधा की पान की दुकान पर बुलाया।
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रमेश ने जैसे ही नोट हाथ में लिए, एंटी करप्शन टीम ने उन्हें दबोच लिया। सीओ के मुताबिक रमेशचंद्र वाई ब्लाक किदवई नगर में रहते हैं। देर शाम उनके घर की तलाशी भी ली गई। इधर, आरोपी कानूनगो ने खुद को बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है। घूस की रकम उन्हें जबरदस्ती दी गई है। अब यहां सवाल यह है कि घूस जबरदस्ती कैसे दी जा सकती है।
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घाटमपुर के हथेई गांव निवासी ओम नारायण पांडेय की गांव में 17 बीघा जमीन है। चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने पैमाइश के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी कर एक हजार वर्ग मीटर भूमि दूसरे गाटा संख्या में दर्ज कर दी। ओम नारायण के बेटे नवीन ने चकबंदी अधिकारी को जमीन एक जगह समायोजित करने को प्रार्थना पत्र दिया। मामला सहायक चकबंदी अधिकारी के दफ्तर के कानूनगो को सौंपा गया।
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नवीन ने बताया कि कानूनगो रमेशचंद्र शुक्ला ने इस काम के लिए 10 हजार रुपये घूस मांगी। तीन हजार रुपये उन्होंने पेशगी के तौर पर लिए। नवीन ने शुक्रवार सुबह मामले की जानकारी एंटी करप्शन की सीओ निहारिका शर्मा को दे दी। इसके बाद उनके कहने पर कानूनगो को सरसैया घाट चौराहा के पास स्थित मोधा की पान की दुकान पर बुलाया।
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रमेश ने जैसे ही नोट हाथ में लिए, एंटी करप्शन टीम ने उन्हें दबोच लिया। सीओ के मुताबिक रमेशचंद्र वाई ब्लाक किदवई नगर में रहते हैं। देर शाम उनके घर की तलाशी भी ली गई। इधर, आरोपी कानूनगो ने खुद को बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है। घूस की रकम उन्हें जबरदस्ती दी गई है। अब यहां सवाल यह है कि घूस जबरदस्ती कैसे दी जा सकती है।