कन्नौज: पीपल के पेड़ के पास गोली लगने से अधेड़ की मौत, जेब से मिला 315 बोर का कारतूस, जांच में जुटी पुलिस
Kannauj News: छिबरामऊ कोतवाली अंतर्गत खोजीपुर के ब्राह्मण नगला गांव में गुरुवार देर रात पीपल के पेड़ के पास गोली लगने से अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की जेब से 315 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है, जबकि मौका-ए-वारदात से तमंचा गायब था।
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कन्नौज जिले में छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खोजीपुर के ब्राह्मण नगला में गुरुवार देर रात गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल कपिल दुबे और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक की जेब से 315 बोर का एक कारतूस बरामद किया है।
फॉरेंसिक टीम की जांच के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है। जनपद मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी राजकिशोर दुबे (55) पिछले कुछ समय से अपने बहनोई मनोज दुबे के यहां ब्राह्मण नगला में रह रहा था। बताया गया कि गुरुवार को वह शराब के नशे में था।
खून से लथपथ पड़ा था राजकिशोर
देर रात गांव के पास पीपल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर वह पड़ा मिला। उसकी चप्पलें भी वहीं उतरी हुई थीं। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो राजकिशोर खून से लथपथ पड़ा था । लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। उसके परिजनों मे चीख पुकार मच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसकी घटनास्थल पर मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेब से मिला 315 बोर का कारतूस
पुलिस को राजकिशोर की जेब से 315 बोर का एक कारतूस मिला है। मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। एसपी विनोद कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही घटना के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
हत्या के मामले में साढ़े सात साल जेल में रहा था
बताया गया कि राजकिशोर एक हत्या के मामले में करीब साढ़े सात वर्ष तक जेल में रहा था और करीब डेढ़ माह पहले ही जेल से बाहर आया था। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उसका एक भाई गुल्लू ट्रक चलाता था, जिसकी कैंसर से मौत हो चुकी है। राजकिशोर अपनी बहन के यहां रह रहा था। उसने गांव में अपना अलग मकान भी बनवा रखा था, लेकिन उसके खाने-पीने की व्यवस्था बहन ही करती थी।