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कोरोना संदिग्ध समझकर डायरिया पीड़ित तीन बच्चों को अस्पताल से निकाला
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जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया रोग से पीडित बच्चे व निकट में खड़ा पिता
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जिला अस्पताल में डायरिया पीड़ित तीन बच्चों को कोरोना संक्रमित समझकर उपचार नहीं दिया गया। पिता समेत तीनों बच्चों को इमरजेंसी के बाहर कर दिया गया। पिता तीनों बच्चों को फर्श पर लिटाकर मदद की गुहार लगाता रहा। करीब एक घंटे बाद पहुंचे सीएमएस ने बच्चों को जमीन पर लेटा देखा तो तुरंत इमरजेंसी में भर्ती कराया। स्टाफ को फटकार लगाकर चेतावनी दी कि दोबारा इस तरह की लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सदर रोतवाली क्षेत्र के गांव मलिकापुर निवासी राम खिलाड़ी के तीन बच्चे रात में डायरिया से पीड़ित हो गए। दस्त से बच्चों की हालत बिगड़ गई। किसी तरह वह तीनोें को लेकर सुबह सात बजे जिला अस्पताल पहुंचा। जब वह बच्चों को लेकर इमरजेंसी में गया तो वहां तैनात डाक्टर व कर्मचारियों ने बच्चों को कोरोना संक्रमित समझ इलाज से मना कर दिया। यही नहीं तीनों बच्चों को अस्पताल से बाहर कर दिया।
राम खिलाड़ी इमरजेंसी गेट के बगल बच्चों को फर्श पर लिटा कर मदद की गुहार लगाने लगा। कुछ देर के बाद सीएमएस डा. यूसी चतुर्वेदी को इसकी जानकारी हुई। सीएमएस तत्काल इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। पीड़ित पिता फर्श पर बैठा था, उसके तीनों बच्चे फर्श पर लेटे थे। यह देख सीएमएस ने तत्काल इमरजेंसी के स्टाफ को बुलाकर चेतावनी दी। तीनों बच्चों को भर्ती कराया। उपचार के बाद नीशू (10), दिव्यांशी(8) और रिशू(7) की हालत में सुधार आया।
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सदर रोतवाली क्षेत्र के गांव मलिकापुर निवासी राम खिलाड़ी के तीन बच्चे रात में डायरिया से पीड़ित हो गए। दस्त से बच्चों की हालत बिगड़ गई। किसी तरह वह तीनोें को लेकर सुबह सात बजे जिला अस्पताल पहुंचा। जब वह बच्चों को लेकर इमरजेंसी में गया तो वहां तैनात डाक्टर व कर्मचारियों ने बच्चों को कोरोना संक्रमित समझ इलाज से मना कर दिया। यही नहीं तीनों बच्चों को अस्पताल से बाहर कर दिया।
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राम खिलाड़ी इमरजेंसी गेट के बगल बच्चों को फर्श पर लिटा कर मदद की गुहार लगाने लगा। कुछ देर के बाद सीएमएस डा. यूसी चतुर्वेदी को इसकी जानकारी हुई। सीएमएस तत्काल इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। पीड़ित पिता फर्श पर बैठा था, उसके तीनों बच्चे फर्श पर लेटे थे। यह देख सीएमएस ने तत्काल इमरजेंसी के स्टाफ को बुलाकर चेतावनी दी। तीनों बच्चों को भर्ती कराया। उपचार के बाद नीशू (10), दिव्यांशी(8) और रिशू(7) की हालत में सुधार आया।
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