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Kannauj: 25 हजार लेकर भी तीन हजार के लिए अड़े थे जेई, निलंबित
Wed, 12 Aug 2026 11:48 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:48 PM IST
सार
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के आदेश पर बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने जेई को निलंबित किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर एक बार फिर इत्रनगरी में देखने को मिला है। बिजली कनेक्शन के नाम पर किसान से रिश्वत ऐंठने और बकाया पैसों के लिए जंपर तक उखाड़ ले जाने वाले बेपरवाह जूनियर इंजीनियर पर गाज गिरी है। मामले की शिकायत सबूतों के साथ सूबे के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण तक पहुंची, जिसके बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामला ठठिया क्षेत्र के ककरघटा गांव का है। पीड़ित किसान राज नारायण ने अपने खेत में ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जुड़वाने के लिए विद्युत विभाग के जेई छंगा राम से संपर्क किया था। आरोप है कि जेई साहब ने कनेक्शन जोड़ने की एवज में 28 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली।
मजबूरी में किसान ने 25 हजार रुपये की रकम जेई के हाथ में थमा भी दी लेकिन भ्रष्टाचार की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। महज बकाया तीन हजार न मिलने पर जेई छंगा लराम का पारा चढ़ गया और उन्होंने गुंडागर्दी दिखाते हुए उपभोक्ता का बिजली का जंपर ही उतरवा लिया। पीड़ित किसान राज नारायण ने हार नहीं मानी। उन्होंने जेई के साथ हुई पूरी लेन-देन और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की और सीधे सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण के दरबार में पहुंच गए। पक्के साक्ष्यों और ऑडियो क्लिप को देखकर मंत्री का रुख कड़ा हो गया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।साक्ष्य इतने पुख्ता थे कि अधीक्षण अभियंता को तुरंत निलंबन का आदेश जारी करना पड़ा।
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मजबूरी में किसान ने 25 हजार रुपये की रकम जेई के हाथ में थमा भी दी लेकिन भ्रष्टाचार की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। महज बकाया तीन हजार न मिलने पर जेई छंगा लराम का पारा चढ़ गया और उन्होंने गुंडागर्दी दिखाते हुए उपभोक्ता का बिजली का जंपर ही उतरवा लिया। पीड़ित किसान राज नारायण ने हार नहीं मानी। उन्होंने जेई के साथ हुई पूरी लेन-देन और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की और सीधे सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण के दरबार में पहुंच गए। पक्के साक्ष्यों और ऑडियो क्लिप को देखकर मंत्री का रुख कड़ा हो गया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।साक्ष्य इतने पुख्ता थे कि अधीक्षण अभियंता को तुरंत निलंबन का आदेश जारी करना पड़ा।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी जंग: असीम अरुण
कार्रवाई के बाद राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि कन्नौज वासियों और युवाओं को धन्यवाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ हम सब की लड़ाई जारी है। प्रमाण सहित शिकायत मिलने पर कार्रवाई तेज़ और न्यायोचित हो जाती है। पीड़ित राज नारायण जी का साहस और त्वरित एक्शन लेने के लिए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता का भी धन्यवाद।
कार्रवाई के बाद राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि कन्नौज वासियों और युवाओं को धन्यवाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ हम सब की लड़ाई जारी है। प्रमाण सहित शिकायत मिलने पर कार्रवाई तेज़ और न्यायोचित हो जाती है। पीड़ित राज नारायण जी का साहस और त्वरित एक्शन लेने के लिए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता का भी धन्यवाद।