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Kanpur News: पहले दिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी करेंगे स्वगणना, लोगों को देंगे प्रेरणा
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7 से 21 मई तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान, 22 मई से घर-घर पहुंचेगी टीम
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। जनगणना के पहले चरण की शुरुआत जिले में अलग अंदाज में होने जा रही है। 7 मई यानी पहले दिन सांसद, विधायक, एमएलसी समेत सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी खुद स्वगणना कर अभियान का आगाज करेंगे। इसका उद्देश्य आम लोगों को प्रेरित करना और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। इसमें जिले के करीब 10246 कर्मी लगे है।
जिला प्रशासन ने स्वगणना को जन-आंदोलन बनाने के लिए 7 से 21 मई तक विशेष जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार की है। पहले दिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर उदाहरण पेश करेंगे, ताकि आम नागरिक भी आगे आकर स्वगणना में भाग लें।
एडीएम वित्त एवं जनगणना के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी के मुताबिक, पहले चरण में भवनों की गणना के तहत स्वगणना की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए भवन मालिकों को निर्धारित पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इसमें मकान की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार की स्थिति से जुड़ी जानकारी शामिल है।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पत्र जारी कर अपने कर्मचारियों और संबंधित संस्थानों में स्वगणना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय रहते स्वगणना पूरी कर प्रशासन का सहयोग करें।
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हर दिन अलग वर्ग को जोड़ेगा अभियान
प्रशासन ने 15 दिन के अभियान में हर दिन अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की रणनीति बनाई है। 8 मई को नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और विभागीय कर्मचारी स्वगणना करेंगे। इसके बाद क्रमवार शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापारिक प्रतिष्ठान, क्लब, कॉलोनियां और अन्य संस्थानों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
22 मई से घर-घर पहुंचेगी टीम
ऑनलाइन स्वगणना के बाद 22 मई से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन और शेष प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि कोई भी भवन या परिवार छूट न जाए।
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। जनगणना के पहले चरण की शुरुआत जिले में अलग अंदाज में होने जा रही है। 7 मई यानी पहले दिन सांसद, विधायक, एमएलसी समेत सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी खुद स्वगणना कर अभियान का आगाज करेंगे। इसका उद्देश्य आम लोगों को प्रेरित करना और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। इसमें जिले के करीब 10246 कर्मी लगे है।
जिला प्रशासन ने स्वगणना को जन-आंदोलन बनाने के लिए 7 से 21 मई तक विशेष जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार की है। पहले दिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर उदाहरण पेश करेंगे, ताकि आम नागरिक भी आगे आकर स्वगणना में भाग लें।
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एडीएम वित्त एवं जनगणना के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी के मुताबिक, पहले चरण में भवनों की गणना के तहत स्वगणना की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए भवन मालिकों को निर्धारित पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इसमें मकान की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार की स्थिति से जुड़ी जानकारी शामिल है।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पत्र जारी कर अपने कर्मचारियों और संबंधित संस्थानों में स्वगणना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय रहते स्वगणना पूरी कर प्रशासन का सहयोग करें।
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हर दिन अलग वर्ग को जोड़ेगा अभियान
प्रशासन ने 15 दिन के अभियान में हर दिन अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की रणनीति बनाई है। 8 मई को नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और विभागीय कर्मचारी स्वगणना करेंगे। इसके बाद क्रमवार शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापारिक प्रतिष्ठान, क्लब, कॉलोनियां और अन्य संस्थानों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
22 मई से घर-घर पहुंचेगी टीम
ऑनलाइन स्वगणना के बाद 22 मई से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन और शेष प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि कोई भी भवन या परिवार छूट न जाए।