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Jalaun: थाने में पुलिस की बर्बरता से युवक की मौत, मुंह न खोल पाएं इसलिए परिजनों को उठाया

Sat, 13 Jul 2024 08:11 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 13 Jul 2024 08:11 PM IST
सार

Jalaun News: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में मृतक की बहन ने खाकी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि पुलिस ने हिरासत में लेकर बुरी तरह से पीटा। जिससे युवक की मौत हो गई।

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Jalaun: Youth dies due to police brutality in police station
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उरई में हत्या के मामले में पकड़े गए युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मृतक की पत्नी और बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक पीटे जाने से ही युवक की मौत हुई। पुलिसकर्मी युवक का शव जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गए। पूरी घटना को छिपाने की भरसक कोशिश में लगी इलाकाई पुलिस ने मृतक के परिजनों को दिनभर नजरबंद रखा। यही नहीं मीडिया में मृतक की बहन मुंह न खोले, इसलिए उसे भी बुरी तरह मारापीटा गया।

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दो दिन पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर में किराये के मकान में रह रहे संतोष कुमार उर्फ मखंचू की सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी सरिता की तहरीर पर शुक्रवार को डकोर पुलिस ने मकान मालिक रामकुमार, उसके भाई निर्भय, पत्नी राधा, आकाश व कार्तिक उर्फ फरसा वाले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम हत्या के मामले में वांछित रामकुमार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि युवक बीमार था और बीमारी के चलते ही हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई।

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मृतक की बहन व पत्नी अंजू का आरोप है कि पुलिस बृहस्पतिवार शाम ही रामकुमार को पकड़कर ले गई थी। इसके बाद थाने में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस की मारपीट से ही रामकुमार की मौत हुई है। बहन का आरोप है कि पुलिस उसे भी पकड़कर ले गई थी, जहां पूछताछ के नाम पर उसके साथ भी मारपीट की गई थी। विरोध करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। रात में मौत हो जाने पर उसके भाई के शव को पुलिस सुबह जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गई। उसने बताया कि उसकी दो बच्चियां हैं, वह हलवाई का काम करता था।

 

युवक हत्या के मामले में वांछित था। गिरफ्तार करने के दौरान ही गाड़ी में उसकी हालत बिगड़ गई थी। थाने लाते ही बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। एक पैनल की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जो भी रिपोर्ट आएगी। उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की है और न ही कोई आरोप लगाया है। - डॉ. ईरज राजा, एसपी
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शव पर चोट के निशान दे रहे पुलिस की बर्बरता की गवाही

रामकुमार के शरीर पर चोटों के निशान उसके साथ हुई बर्बरता की गवाही दे रहे थे। शव देखकर ऐसा लग रहा था कि उसको थर्ड डिग्री दी गई है। उसके सिर से लेकर पीठ तक, दोनों हाथों की हथेलियों, पैर के पंजों, तालू पर चोटों के निशान थे। जहां-जहां चोटों के निशान थे, वहां शरीर नीला पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत ही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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