उरई: तीन साल पूरे होने से दो दिन पहले जालौन डीएम का तबादला, नून नदी बनी कार्यकाल की पहचान
Orai News: जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय का करीब तीन साल का लंबा कार्यकाल पूरा होने से महज दो दिन पहले तबादला कर दिया गया। शासन ने गुरुवार देर रात जारी आदेश में उन्हें बहराइच का नया जिलाधिकारी बनाया है।
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वहीं समीर को जालौन का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। राजेश कुमार पांडेय ने 12 सितंबर 2023 को जालौन के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था। उनकी तैनाती के तीन साल 12 सितंबर 2026 को पूरे होने थे, लेकिन इससे ठीक दो दिन पहले 10 सितंबर को शासन ने उनका स्थानांतरण कर दिया। करीब तीन साल के कार्यकाल में नून नदी के पुनर्जीवन और जल संरक्षण के काम उनकी प्रमुख उपलब्धियों में रहे।
नून नदी के पुनर्जीवन से मिली राष्ट्रीय पहचान
राजेश कुमार पांडेय के कार्यकाल की सबसे प्रमुख उपलब्धियों में 81 किलोमीटर लंबी सूख चुकी नून नदी का पुनर्जीवन रहा। ड्रोन से सर्वे कराने के बाद नदी की सफाई, चौड़ीकरण और जल संरक्षण का काम जनभागीदारी से कराया गया। अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान किया।
नदी के पुनर्जीवन से 47 गांवों के 17,706 किसानों को लाभ मिलने और सिंचाई क्षमता बढ़ने की जानकारी सामने आई। जल संरक्षण के इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। नवंबर 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में राजेश कुमार पांडेय को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया। जल संरक्षण के कामों के लिए जिले को दो करोड़ रुपये मिलने की भी जानकारी सामने आई थी।
कम पानी वाली फसलों को दिया बढ़ावा
जल संरक्षण के साथ भूजल दोहन कम करने के लिए किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया। मेंथा की खेती के विकल्प के तौर पर मूंग जैसी कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विभिन्न ब्लॉकों में इसके बाद भूजल स्तर में सुधार का भी उल्लेख किया गया।
विकास योजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और वेतन रोकने जैसी कार्रवाई भी की गई। इससे प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं की निगरानी को लेकर सख्ती का संदेश गया। गौशालाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था विकसित करने और जिला नियंत्रण कक्ष से निगरानी की पहल की गई।
करीब 240 हेक्टेयर चरागाह और ग्राम समाज की भूमि पर हरे चारे के उत्पादन का काम कराया गया। बाढ़ के दौरान भी राहत और बचाव की तैयारियों की लगातार समीक्षा की गई। प्रशासनिक स्तर पर आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की निगरानी पर जोर रहा।
तीन साल पूरे होने से दो दिन पहले विदाई
करीब तीन साल के कार्यकाल के बाद राजेश कुमार पांडेय अब बहराइच के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। जालौन में उनका कार्यकाल 12 सितंबर को तीन साल पूरा करने वाला था, लेकिन इससे दो दिन पहले ही तबादले के आदेश ने उनके कार्यकाल पर विराम लगा दिया। जालौन में उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान नून नदी के पुनर्जीवन, जल संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े अभियानों को लेकर बनी। अब शासन ने उन्हें बहराइच की जिम्मेदारी दी है।