जाजमऊ टेनरी बवाल: नारायण भदौरिया की खुलेगी हिस्ट्रीशीट, लगेगा गैंगस्टर, बवाल में संलिप्तता की भी हो रही जांच
जाजमऊ में शालिमार टेनरी पर कब्जे को लेकर शहनाज जहां का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह मुख्यमंत्री को फोटो गोद में रखकर न्याय की गुहार लगाती दिखीं। शहनाज का कहना था कि उन्हें योगी साहब इंसाफ दिलाएंगे इस बात का यकीन है। साथ ही उन्होंने अपने भतीजों पर भी गंभीर आरोप लगाए।
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कानपुर के जाजमऊ में शालीमार लेदर इंडस्ट्रीज पर कब्जे को लेकर किए गए बवाल में शामिल होने पर जेल भेजे गए बीजेपी के पूर्व नेता नारायण सिंह भदौरिया और उसके गिरोह पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। वहीं, नारायण की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। अफसरों ने थानों में दर्ज मुकदमों की जानकारी मांगी है।
नौबस्ता में पुलिस कस्टडी से हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को फरार कराने के बाद कब्जेदारी के विवाद में किए गए बवाल में नारायण सिंह भदौरिया का नाम प्रकाश में आया था। नारायाण सिंह अपने साथियों संग शाहनवाज के पक्ष में पहुंचे थे, जहां उनका शाहनवाज के भतीजे के पक्ष से आए लोगों से बवाल हुआ था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नारायण अपने साथियों रॉकी यादव, विवेक निगम आदि के साथ पुलिस के सामने मारपीट करते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई थी। ऐसे में पुलिस अब उसके खिलाफ तमाम साक्ष्य एकत्रित कर अंतरिम जमानत खारिज करा दोबारा जेल भेजने की तैयारी में है।
जाजमऊ में शालिमार टेनरी पर कब्जे को लेकर शहनाज जहां का सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह मुख्यमंत्री को फोटो गोद में रखकर न्याय की गुहार लगाती दिखीं। शहनाज का कहना था कि उन्हें योगी साहब इंसाफ दिलाएंगे इस बात का यकीन है। साथ ही उन्होंने अपने भतीजों पर भी गंभीर आरोप लगाए। वीडियों में शहनाज बता रही हैं कि उनके पति नौशाद की मौत कोरोना से 11 सितंबर 2020 को हो गई थी। उसके बाद से जेठ के बेटे चमनगंज निवासी मेहम्मद आमिर ने सपा नेताओं की सरपरस्ती में टेनरी पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया।
एफआईआर लिखे जाने के बाद भी सपा विधायक के बेटे व उसके गुर्गों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वीडियो में शहनाज कह रही हैं कि नारायण सिंह भदौरिया का नाम कभी नहीं सुना। उसका नाम पेपर में पढ़ा था। वह तो घटना वाले दिन हमें बचाने वालों में शामिल थे। शहनाज कह रही हैं कि प्रॉपर्टी के दस्तावेजों पर हमारा नाम है। उसके बाद भी यह लोग कब्जा कर लेना चाहते हैं।