Kanpur: जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले- 2024 धर्म और अधर्म के बीच का चुनाव, सनातन धर्म और राम विरोधी होंगे अस्त
Kanpur News: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि जातिगत राजनीति देश के लिए हितकर नहीं है। ऐसी राजनीति में किसी का भला नहीं होता है। राम पर नकारात्मक बयान भी दिए हैं। ऐसे लोगों के लिए रामायण में एक ही बात लिखी है कि कि जिन्होंने अपने मन को नहीं धोया, उनका तत्काल ही नाश हो जाता है।
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वर्ष 2024 का चुनाव भी सनातन धर्म के रूप होगा और इस बार भी भाजपा की सरकार बनेगी। जनता एक बार फिर से भाजपा को पूर्ण बहुमत से विजयी बनाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री एक बार फिर से नरेंद्र मोदी होंगे। ये बात गुरुवार को कानपुर में श्यामनगर स्थित एक निजी स्थान पर हुई प्रेसवार्ता में जगतगुरु रामभद्राचार्य ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
वर्ष 2024 के चुनाव के लिए क्या कहेंगे?
जगतगुरू रामभद्राचार्य बोले कि यह निर्णय पहले से हो चुका है। वर्ष 2024 का ही चुनाव नहीं, बल्कि विधानसभा का चुनाव भी धर्म और अधर्म के बीच का चुनाव है। इसमें धर्म की ही जीत होगी। एक बार फिर से सनातन धर्म का बोलबाला पूरे देश में होगा। उदयनिधि ने सनातन धर्म को मिटाने की बात कही, तो कांग्रेस से किसी ने विरोध नहीं किया। यह नरेंद्र मोदी ही थे, जिन्होंने बीना की रैली में इस बात का खुलकर विरोध किया। इससे स्थिति साफ है कि देश में सनातन धर्म को मानने वालों की ही सरकार बनेगी।
विपक्ष जातिगत समीकरण के आधार पर चुनाव की बात कर रहा है और देश को बांटने का प्रयास हो रहा है। इस पर क्या कहना चाहेंगे?
बहुत गलत है, इस प्रकार की राजनीति से कुछ नहीं होने वाला। जातिगत राजनीति देश के लिए हितकर नहीं है। ऐसी राजनीति में किसी का भला नहीं होता है। राम पर नकारात्मक बयान भी दिए हैं। ऐसे लोगों के लिए रामायण में एक ही बात लिखी है कि कि जिन्होंने अपने मन को नहीं धोया, उनका तत्काल ही नाश हो जाता है।
अयोध्या के राममंदिर क्या भाजपा का चुनावी मुद्दा है?
अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर फैसला कोर्ट की ओर से दिया गया है। कोर्ट ने ही सारे पक्षों को बारीकि से समझने के बाद यह भूमि हिंदुओं को दी थी। कोर्ट में हमने भी गवाही दी है, निर्णय आया हमारे पक्ष में तो मंदिर का निर्माण हो रहा है। मेरे हिसाब से भाजपा ने कभी भी इसे चुनाव का मुद्दा नहीं बनाया और चुनाव से इसका कोई भी लेना देना नहीं है।
वर्तमान में बच्चे में हिंसक भावना और गलत रास्तों में चलने की प्रवृत्ति अधिक हो रही है। इसके बारे में क्या कहेंगे?
बच्चे तो कोमल होते हैं, उनको जैसे चलाएंगे वह वैसे ही चलेंगे। इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका माता-पिता की होनी चाहिए। माता-पिता को ही बच्चों को धर्म की शिक्षा देनी चाहिए और गलत रास्तों पर चलने से होने वाले कष्ट के बारे में भी समझाना चाहिए।
वर्तमान में लोगों में रक्तचाप, तनाव और शुगर तेजी से बढ़ा है। इसको कैसे कम किया जाए?
यह सब व्यक्ति की अधिक पाने की प्रवृत्ति के कारण है। इसका एक ही इलाज है श्रीराम कथा का श्रवण करेंगे, सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाएंगे।