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‘शहीद का सम्मान नहीं, अपमान है’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Fri, 05 Dec 2014 03:27 AM IST
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‘देश के लिए मर मिटने वाले शहीदों की वर्दी कचरे में। ये उनका सम्मान नहीं, सरासर अपमान है।’ यह कहते हुए छत्तीसगढ़ नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ डिप्टी कमांडेंट बृजेंद्र्र स्वरूप वर्मा का बेटा रवि बिलख पड़ा। बोला, शहर में पिता को ऐसा सम्मान मिला, जिसकी कल्पना नहीं की थी।
लेकिन जहां वे शहीद हुए, वहीं उनकी वर्दी कचरे में फेंक दी गई। यह माफी के काबिल नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार और सीआरपीएफ अफसर इसका जवाब दें।
बता दें कि शहीद सीआरपीएफ जवानों का पोस्टमार्टम रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में किया गया था। शहीद हुए जवानों की वर्दियां बुधवार सुबह वहां कचरे के ढेर में मिली थीं। शहीदों के अपमान की गूंज नौबस्ता के खाड़ेपुर पहुंचते ही यहां लोगों ने छत्तीसगढ़ सरकार और सीआरपीएफ अफसरों को कोसना शुरू कर दिया।
शहीद बृजेंद्र्र स्वरूप के परिवार में खासी नाराजगी दिखी। उनके भाई अरुण का कहना है कि सीआरपीएफ अफसरों से शहीद भाई की वर्दी मांगी गई थी।
अफसरों ने कहा कि स्मारक बनाया जाएगा और वहां वर्दियां, स्टार व अन्य सामान रखे जाएंगे लेकिन वर्दियां कूड़े के ढेर में फेंक दी गईं। पिता कुबेर वर्मा का कहना है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में हूं। चलने फिरने में असमर्थ न होता तो खुद जाकर वर्दी ले आता।
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लेकिन जहां वे शहीद हुए, वहीं उनकी वर्दी कचरे में फेंक दी गई। यह माफी के काबिल नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार और सीआरपीएफ अफसर इसका जवाब दें।
बता दें कि शहीद सीआरपीएफ जवानों का पोस्टमार्टम रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में किया गया था। शहीद हुए जवानों की वर्दियां बुधवार सुबह वहां कचरे के ढेर में मिली थीं। शहीदों के अपमान की गूंज नौबस्ता के खाड़ेपुर पहुंचते ही यहां लोगों ने छत्तीसगढ़ सरकार और सीआरपीएफ अफसरों को कोसना शुरू कर दिया।
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शहीद बृजेंद्र्र स्वरूप के परिवार में खासी नाराजगी दिखी। उनके भाई अरुण का कहना है कि सीआरपीएफ अफसरों से शहीद भाई की वर्दी मांगी गई थी।
अफसरों ने कहा कि स्मारक बनाया जाएगा और वहां वर्दियां, स्टार व अन्य सामान रखे जाएंगे लेकिन वर्दियां कूड़े के ढेर में फेंक दी गईं। पिता कुबेर वर्मा का कहना है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में हूं। चलने फिरने में असमर्थ न होता तो खुद जाकर वर्दी ले आता।
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