भीतरगांव हादसा पर बेपरवाह अफसर: जांच के जिम्मेदार ही नहीं तय, आरोपी भी पकड़ से दूर, टीमों का गठन भी नहीं
भीतरगांव में हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है। हादसे में 26 लोगों ने जान गंवाई है। हादसों के सभी कारणों का पता लगाने के लिए जांच होनी है, लेकिन पुलिस लापरवाही बरत रही है। अभी तक आरोपियों की धरपकड़ के लिए स्थानीय स्तर पर टीम नहीं बनी है।
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कानपुर में साढ़-भीतरगांव मार्ग पर हुए हादसे में 26 लोगों की मौत के मामले में भी पुलिस लापरवाह बनी हुई है। हादसे के तीन दिन बाद भी पुलिस की जांच शुरू नहीं हो सकी और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है। एसपी आउटर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने का दावा किया था।
हालांकि हकीकत में एक भी टीम नहीं बनी है। चर्चा यह भी है कि मुख्य आरोपी राजू और अन्य आरोपियों को गांव में देखा गया है। भीतरगांव के कोरथा गांव निवासी राजू निषाद के सात महीने के बेटे अभि का शनिवार को मुंडन था। उन्नाव स्थित चंद्रिका देवी मंदिर में मुंडन कराने के बाद सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौट रहे थे।
ट्रैक्टर खुद राजू चला रहा था और वह नशे में था। कोरथा गांव से चार किमी पहले ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर खंती में पलट गई थी। पुलिस ने घायल प्रीति की तहरीर पर राजू निषाद, ट्रैक्टर मालिक प्रहलाद, रामशंकर व बाने के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। हादसे के बाद सभी आरोपी फरार हैं।
इसलिए होनी है जांच
उच्चाधिकारियों ने हादसे की वजह जानने के लिए जांच कराने की बात कही थी। पुलिस, एनएचआई, आरटीओ आदि की भूमिका की भी जांच होनी है। इनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच बेहद जरूरी है। अभी तक जिम्मेदार ही नहीं तय हो सके। केवल पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शी के तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है।
नागरिक सुरक्षा कर्मी भी जुड़ेंगे अभियान से
उधर, हादसे के पुलिस हाईवे पर एनएचएआई के साथ मिलकर अभियान चला रही है। हालांकि ओवरलोडिंग और माल वाहनों में यात्रियों को ढोए जाने पर रोक नहीं लग पा रही है। इसे रोकने के लिए पुलिस अब नागरिक सुरक्षा कर्मी तैनात करेगी। एसपी आउटर ने बताया कि जो भी प्वाइंट चिह्नित हैं, वहां टीमें भेजी जाएंगी।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम गठित की गई है और वह आरोपियों की तलाश में जुटी भी हुई है। गांव में आरोपी देखे जाने की बात सरासर गलत है। -तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर